अंबेडकरनगर। कोरोना संक्रमण के चलते बंद चल रहे विद्यालयों मेें पंजीकृत छात्र-छात्राओं को ई-लर्निंग व व्हाट्सएप वर्चुअल डिजिटल के माध्यम से शिक्षा दी जाएगी। छात्र-छात्राओं को सुचारु रूप से ऑनलाइन शिक्षा दी जा सके, इसके लिए प्रत्येक विकास खंड में एक-एक नोडल अधिकारी की तैनाती की तैयारी शुरू कर दी गई है। इन सब पर नजर रखने के लिए डीआईओएस कार्यालय मेें मॉनीटरिंग सेल की स्थापना की जाएगी। इस संबंध में जिले के 373 इंटर कॉलेजों के प्रधानाचार्यों को निर्देशित किया गया है कि वे दो फरवरी तक विद्यालय में की गईं व्यवस्थाओं की समुचित जानकारी अपने-अपने विकास खंड के नोडल अधिकारी को दें, जिससे सुचारु रूप से तीन फरवरी से शिक्षण कार्य प्रारंभ हो सके।
कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए लगभग एक माह से सभी विद्यालय बंद चल रहे हैं। विद्यालय तो बंद हैं, लेकिन ऑनलाइन पढ़ाई किए जाने के निर्देश जारी किए गए हैं। शासन के निर्देश पर ऑनलाइन शिक्षा तो बच्चों को दी जा रही है, लेकिन ज्यादातर शिक्षक कॉलेज की बजाय घर से ही छात्रों को पढ़ा रहे हैं।
अब इसे लेकर शासन नेे नए निर्देश जारी किए हैं। डीआईओएस कार्यालय के कर्मचारी राजेश कुमार ने बताया कि शासन के नए निर्देश के अनुसार माध्यमिक स्तर की शिक्षा हासिल करने वाले छात्र-छात्राओं को ई-लर्निंग व व्हाट्सएप वर्चुअल डिजिटल के माध्यम से शिक्षा दी जाए। प्रत्येक विषय के लिए व्हाट्सएप ग्रुप बने और शिक्षक घर से नहीं, बल्कि क्लास में पहुंचकर ऑनलाइन शिक्षा बच्चों को दें। यू ट्यूब पर चलने वाले ई ज्ञान गंगा चैनल से छात्र-छात्राओं को जोड़ा जाए। इससे जुड़ने के लिए उन्हें प्रेरित किया जाए।
डीआईओएस कार्यालय के अनुसार जिले के विभिन्न क्षेत्रों में 373 इंटर कॉलेज संचालित हैं। इन कॉलेजों में शासन के निर्देश के अनुसार सुचारु रूप से शिक्षा दी जा सके, इसके लिए प्रत्येक विकास खंड में एक-एक नोडल अधिकारी की तैनाती की जाएगी। साथ ही पूरी व्यवस्था पर निगाह रखने के लिए डीआईओएस कार्यालय में मॉनीटरिग सेल की स्थापना भी की जाएगी। इस संबंध में सभी प्रधानाचार्यों को पत्र भेजकर निर्देशित किया गया है कि वे दो फरवरी तक सभी व्यवस्थाएं पूरी कर संबंधित नोडल अधिकारी को जानकारी दें, जिससे तीन फरवरी से शासन के निर्देशानुसार ऑनलाइन शिक्षा दी जा सके।
छात्र-छात्राओं की होगी काउंसिलिंग
ऑनलाइन शिक्षा दिए जाने को लेकर शासन की ओर से नए निर्देश के तहत सुचारु रूप से शिक्षण कार्य प्रारंभ हो, इसके लिए सभी प्रधानाचार्यों को जरूरी निर्देश दिए गए हैं। निर्देश में कहा गया है कि यदि कोई छात्र ऑनलाइन शिक्षा हासिल करने में रुचि नहीं दिखाता और व्हाट्सएप से नहीं जुड़ता है, तो संबंधित प्रधानाचार्य की जिम्मेदारी है कि वे संबंधित छात्र-छात्राओं से फोन पर वार्ता करें और उनकी काउंसिलिंग करें। उन्हें ऑनलाइन शिक्षा हासिल करने के लिए प्रेरित करें। यदि इसके बाद भी वह नहीं जुड़ते हैं तो उनके घर जाकर जागरूक करें।
उठाए जा रहे जरूरी कदम
ऑनलाइन शिक्षण कार्य के लिए शासन की ओर से जारी नए निर्देश के अनुसार शिक्षण कार्य हो सके, इसके लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। इस संबंध में प्रधानाचार्यों को निर्देश दिए गए हैं।
-प्रवीण कुमार मिश्र, डीआर्ईओएस