अंबेडकरनगर। अकबरपुर नगर व आसपास का क्षेत्र तमसा नदी की बाढ़ से जूझ ही रहा था कि इस बीच महरुआ व आसपास के इलाके में हुई तेज बारिश ने कहर बरपाया। सोमवार देर शाम महरुआ व आसपास के क्षेत्र में तेज हवा के साथ हुई झमाझम बारिश से न सिर्फ खेतों में धान की फसल धराशायी हो गई, बल्कि जगह-जगह पेड़ व विद्युत खंभे क्षतिग्रस्त होने से लगभग तीन दर्जन गांवों की विद्युत आपूर्ति पूरी तरह से ठप हो गई। इससे सोमवार पूरी रात लगभग 30 हजार आबादी बिजली से वंचित रही। मंगलवार शाम तक गड़बड़ी नहीं दूर की जा सकी थी। उधर, तमसा नदी में आई बाढ़ के चलते जिला मुख्यालय पर आधा दर्जन से अधिक मोहल्लों में अभी भी बाढ़ का पानी भरा हुआ है, जबकि प्रमुख मार्गों से आवागमन प्रभावित चल रहा है।
मड़हा, बिसुही व तमसा नदी के बढ़े जलस्तर के बीच सोमवार देर शाम महरुआ व आसपास के क्षेत्र में तेज हवा के साथ हुई झमाझम बारिश से संबंधित क्षेत्र में आम जनजीवन पूरी तरह से अस्तव्यस्त हो गया। लगभग तीन घंटे तक हुई झमाझम बारिश से लगभग एक दर्जन पेड़ धराशायी हो गए, तो कई विद्युत खंभे भी क्षतिग्रस्त हो गए। खेतों में पानी भर जाने से धान की फसल पूरी तरह से जलमग्र हो गई। घंटों चली बारिश का दौर थमा, लेकिन तब तक व्यापक नुकसान अलग-अलग क्षेत्रों में हो चुका था।
सेमरी, पांती, रामपुर हरिनंदन, नौनसिला, सिलावट, रामपुर, बरामदपुर जरियारी समेत कई अन्य गांवों में पेड़ धराशायी हो गए। इससे न सिर्फ जर्जर हो चुके तार गिर गए, बल्कि विद्युत खंभे भी क्षतिग्रस्त हो गए। इससे लगभग 30 हजार आबादी पूरी रात बिजली से वंचित रहे। मंगलवार शाम तक गड़बड़ी दूर कर आपूर्ति बहाल नहीं की जा सकी। इससे संबंधित क्षेत्र के ग्रामीणों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। तीन घंटे तक झमाझम हुई बारिश के चलते संबंधित क्षेत्र में खेतों में पानी भर गया। धान की फसल जलमग्र हो जाने से किसानों की चिंता बढ़ गई।
फसल जलमग्न होने से लगेगी तगड़ी चपत
पांती के प्रदीप कुमार सिंह खेत में जलमग्र हुई धान की फसल को देखकर खेत में ही सिर पकड़कर बैठ गए। उनका कहना था कि बीते दिनों हुई बारिश के चलते फसल को नुकसान हुआ ही था, रही सही कसर सोमवार देर शाम आई तेज हवा के साथ हुई झमाझम बारिश ने पूरी कर दी। धान की फसल पूरी तरह से खेत में धराशायी होकर जलमग्र हो गई। इससे उपज को नुकसान होगा। पांती के ही विमलेश सिंह ने कहा कि बारिश से फसल पूरी तरह से जलमग्र हो गई है। इससे उपज को बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। रामपुर हरिनंदन के दुखीराम की धान की फसल पूरी तरह से जलमग्र हो गई। कहा कि उपज को नुकसान हुआ है। इससे व्यापक आर्थिक चपत लगेगी।
भरभराकर ढहा घर, बाल-बाल बचे लोग
सोमवार देर शाम हुई झमाझम बारिश के बीच भीटी तहसील अंतर्गत बेलबना गांव निवासी रिंका पत्नी सुनील राजभर का कच्चा घर भरभराकर धराशायी हो गया। यह संयोग ही था कि उस समय परिवार का कोई भी सदस्य घर में नहीं था। घर के पूरी तरह से ढह जाने के चलते रिंका को परिवार के साथ पड़ोसी के घर रहने को मजबूर होना पड़ा। बताते चलें कि मड़हा नदी में आई बाढ़ के बीच बेलबना गांव पूरी तरह से जलमग्र हो चुका है। घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है। इससे संबंधित गांव के ग्रामीणों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
खड़ंजा उखाड़कर निकाला गया पानी
सोमवार देर शाम तेज हवा के साथ हुई झमाझम बारिश के चलते न सिर्फ महरुआ, बल्कि आसपास के क्षेत्र में जगह-जगह पानी भर गया। इससे संबंधित क्षेत्र के ग्रामीणों के घर में पानी घुसने लगा। ग्रामीणों ने घर में पानी घुसने से रोकने के लिए कई जगह खड़ंजा उखाड़कर पानी निकाला। रामपुर हरिनंदन में जगह-जगह जलभराव से ग्रामीणों के घर में पानी घुसने लगा। इससे बचने के लिए गांव के निकट ग्रामीणों ने खड़ंजा उखाड़ दिया और पानी का जमाव दूर किया।
नई सड़क पर जलभराव की समस्या बरकरार
तमसा नदी में आई बाढ़ का कहर लगातार बना हुआ है। नई सड़क पर घुटने तक पानी भरा रहने से संबंधित क्षेत्र में समस्या लगातार बरकरार है। संबंधित आवागमन पर पूरी तरह से ठप कर दिया गया है। घरों व दुकानों का निचला भाग पूरी तरह से जलमग्र हो चुका है। इससे संबंधित दुकानदारों की चिंता बढ़ गई है। संबंधित क्षेत्र के प्रभावित दुकानदार दयाराम, सुशील व राजेश ने कहा कि दुकान में पानी भर जाने से व्यापक नुकसान हुआ है। पूर्व में कोरोना संकट ने नुकसान पहुंचाया, तो अब बाढ़ ने उनकी चिंता बढ़ा दी है।
विद्यालयों में भरा है बाढ़ का पानी
तमसा नदी में आई बाढ़ के पानी से तमसा मार्ग पर स्थित आधा दर्जन विद्यालय जलमग्न हैं। डॉ. अशोक स्मारक डिग्री कॉलेज, डॉ. एके पब्लिक स्कूल, ईसीआई समेत कई अन्य विद्यालय परिसर में बाढ़ का पानी लगातार बना हुआ है। इससे संबंधित विद्यालय बंद चल रहे हैं। विद्यालय बंद होने के चलते संबंधित कॉलेजों में पंजीकृत छात्र-छात्राओं को ऑनलाइन पढ़ाई करने को मजबूर होना पड़ रहा है।
पानी से होकर आवागमन कर रहे नागरिक
एनएच 232 पर मोहरिया के निकट बाढ़ का पानी पहुंचने के चलते संबंधित मार्ग पर बड़े वाहनों के आवागमन पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। बाढ़ का पानी अभी भी संबंधित एनएच पर बना हुआ है। ऐसे में पानी में से ही होकर नागरिक आवागमन करने को मजबूर हो रहे हैं। मंगलवार को भी दो पहिया वाहन व पैदल ही नागरिक आवागमन करते दिखे। पानी से होकर गुजर रहे आलोक, दुर्गेश व अमित ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि एनएच पर पानी आ जाने के बावजूद सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं की गई है।
नागरिकों की मदद को आगे आए लोग
अकबरपुर नगर में बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए नगर परिषद अध्यक्ष सरिता गुप्ता के पति मनोज गुप्त अलग-अलग क्षेत्रों में पहुंचे। कहीं वे नाव के जरिए प्रभावित व्यक्तियों तक गए, तो कई जगह ट्रैक्टर व पिकअप की सवारी कर पहुंचे। मनोज ने तमाम परिवारों को मदद का भरोसा दिलाते हुए कहा कि नगर परिषद द्वारा सभी तरह के जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं। राहत सामग्री प्रदान करने के अलावा बाढ़ प्रभावित नागरिकों को आश्रय स्थल पर बेहतर सुविधाएं मुहैया हो रही हैं। सामाजिक कार्यकर्ता अनिल मिश्र भी दलबल के साथ अलग-अलग क्षेत्रों में पहुंचकर नागरिकों का दुख दर्द सुनते तथा जरूरी मदद करते दिखे। अनिल ने बताया कि उनके पत्र के बाद प्रशासन जरूरी सुविधाएं मुहैया करा रहा है। इसमें कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। सामाजिक कार्यकर्ता अंशू बग्गा व बरकत अली मंगलवार को भी बाढ़ प्रभावितों की मदद में जुटे दिखे। अकबरपुर नगर के विभिन्न मोहल्लों में प्रभावित परिवारों से मिलकर उनका हाल चाल जाना और जरूरी मदद भी मुहैया कराया।