जलालपुर (अंबेडकरनगर)। शारदा सहायक नहर में पानी न आने से जलालपुर तहसील क्षेत्र के 20 हजार से अधिक किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। एक तरफ जहां शारदा सहायक नहर से जुड़े किसान परेशान हैं, वहीं माइनरों से जुड़े किसानों को भी नहर में पानी आने का इंतजार बना हुआ है। किसान लगातार अविलंब नहर में पानी छोड़े जाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन सिंचाई विभाग नहर में पानी छुड़वाए जाने की जरूरत नहीं महसूस कर रहा है। तेज तपिश के बीच किसानों को अपनी फसलों को बचाये रखने की चुनौती बन गई है। किसानों को वैकल्पिक संसाधनों के सहारे फसलों की सिंचाई करने के लिए विवश होना पड़ रहा है।
तेज धूप व गर्मी से हर कोई परेशान है। ऐसे में किसानों के सामने फसलों की सिंचाई का संकट भी उत्पन्न हो गया है। लंबे समय से शारदा सहायक नहर में पानी न आने से नहर के साथ इससे जुड़ी माइनरें भी सूख चुकी हैं। नहर व माइनरों के भरोसे खेती करने वाले किसानों के समक्ष बड़ा संकट खड़ा हो गया है। तपिश के चलते खेतों में लगी सब्जी, मेंथा व गन्ना सहित अन्य फसलों को पांच से सात दिन के अंतराल पर सिंचाई की जरूरत पड़ रही है।
इससे किसानों को वैकल्पिक संसाधनों का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे उनके समक्ष महंगे दर पर डीजल खरीदने की विवशता है। इससे काफी आर्थिक चपत लग रही है। किसानों का कहना है कि नहर व माइनरों से सिंचाई का लाभ मिलने की उम्मीद में वह लोग नहर व माइनर के किनारे अधिक सिंचाई वाली फसलों को लगाते हैं। परन्तु समय से पानी न आने से उन्हें काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
गर्मी में फसलों की सबसे ज्यादा सिंचाई की जरूरत है तो इस समय नहर में पानी ही मौजूद नहीं है। जलालपुर तहसील क्षेत्र में शारदा सहायक नहर गोलपुर गांव से शुरू होती है और आजमगढ़ जनपद सीमा के चकिया गांव से होकर गुजर रही है। शारदा सहायक नहर से कई माइनरें भी निकली हैं। लगभग 20 किलोमीटर लंबी शारदा सहायक नहर व माइनरों से जुड़े करीब 20 हजार किसान पानी न आने से परेशान हैं।
मधईपुर, कर्बला कासिमपुर, जीवत, फतेहपुर, मोहिबपुर, विशंभरपुर, लाभापार, जल्दीपुर, रफीगंज, चितई पट्टी, पर्वतपुर आदि गांवों के किसानों ने जल्द पानी किसानों ने प्रशासन से नहर में पानी छुड़वाए जाने की मांग की है। अधिशाषी अभियंता सिंचाई खंड टांडा रजनीश गौतम ने बताया कि रोस्टर के अनुसार शारदा सहायक नहर में पानी छोड़ा जाता है। 12 जून को बैराज से पानी छोड़ा जाएगा। 15 जून तक जिले में पानी पहुंच जाएगा। किसानों को बेहतर सिंचाई का लाभ मिले, इसका पूरा ख्याल रखा जा रहा है।