अकबरपुर व कटेहरी में जांच सुविधाओं का अभाव, मरीज परेशान
अंबेडकरनगर। नगर सीएचसी में इलाज के लिए पहुंच रहे हैं तो जांच का इंतजाम सोचकर आइएगा। यहां महत्वपूर्ण जांच ठप पड़ी है। किडनी, लीवर, प्लेटलेट, आरबीसी, डब्लूबीसी, यूरिन की जांच तक नहीं हो पा रही। एक्सरे जैसी सामान्य सुविधा भी मरीजों को मयस्सर नहीं। इस कारण उन्हें निजी पैथोलॉजी का सहारा लेना पड़ रहा है।
सुविधाओं का अभाव ही है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में ओपीडी नहीं बढ़ पा रही। अभी औसतन बस 70 मरीज ही परामर्श के लिए पहुंच रहे हैं। यहां की व्यवस्था सही हो जाए तो ओपीडी 150 तक पहुंच सकती है।
इससे जिला अस्पताल पर मरीजों दबाव भी कम होगा। अव्यवस्था सिर्फ अकबरपुर सीएचसी तक ही सीमित नहीं है। तहसील की दूसरी सीएचसी कटेहरी का भी हाल हाल है।
धूल फांक रही बायोकेमिस्ट्री मशीन
अकबरपुर सीएचसी में किडनी व लीवर जांच के लिए बायोकेमिस्ट्री मशीन लगाई गई, लेकिन वह भी एक वर्ष से धूल फांक रही है। अभी तक उसे शुरू ही नहीं कराया गया। इससे जांच के लिए पहुंच रहे मरीज मायूस होकर जिला अस्पताल जाने को विवश हैं। (संवाद)
n मेडिकोलीगल के मामले जिला अस्पताल रेफर
अकबरपुर व बेवाना थाने में होने वाली मारपीट सहित अन्य घटनाओं से जुड़े मेडिकोलीगल के मामले अकबरपुर सीएचसी पर ही आते हैं। ऐसे में जांच के लिए एक्सरे की जरूरत पड़ती है, लेकिन एक्सरे की सुविधा नहीं मिल पाती। इससे अंदरुनी जांच नहीं हो पाती। इस कारण घायलों को जिला अस्पताल भेज दिया जाता है। सामान्य मरीज भी अक्सर यहां से निराश होकर लौट जाते हैं। अल्ट्रासाउंड जांच की लंबे समय से मांग चल रही है।
n बिना नेटवर्क हेल्थ एटीएम बना शो पीस
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कटेहरी में भी जांच सेवाएं हिचकोले खा रही हैं। हेल्थ एटीएम की जांच सुविधा भी मरीजों को नेटवर्क के अभाव में अक्सर नहीं मिल पाती। कर्मचारी अपने मोबाइल फोन के नेटवर्क से संचालन की कोशिश करते हैं। अस्पताल में अल्ट्रासाउंड, डिजिटल एक्सरे, किडनी, लीवर की जांच भी नहीं मिल पा रही।
n सीबी सेल काउंट व एनालाइजर मशीन भी खराब
एक वर्ष पहले अकबरपुर सीएचसी में प्लेटलेट, आरबीसी व डब्लूबीसी की जांच के लिए सीबी सेल काउंट मशीन लगाई गई। बमुश्किल एक माह तक उसका संचालन हो सका। अभी वह करीब 11 महीने से खराब पड़ी है। उसे सही कराकर शुरू करने की जरूरत नहीं समझी गई। कुछ ऐसा ही हाल सोडियम, पोटैशियम व कैल्शियम सहित अन्य तत्वों की जांच के लिए आए इलेक्ट्रोलाइट एनालाइजर का भी है। करीब 10 माह से तकनीकी गड़बड़ी के चलते वह भी बंद है। यूरिन जांच मशीन भी छह माह से निष्प्रयोज्य है।
स्वास्थ्य विभाग की यह उपेक्षा ठीक नहीं
मीरानपुर निवासी व्यवसायी नरेंद्र जायसवाल कहते हैं कि स्वास्थ्य विभाग का रुख अकबरपुर नगर की सीएचसी को लेकर ठीक नहीं है। उपेक्षा पूरा सिस्टम ही बीमार पड़ा है। सीएचसी पर व्यवस्था सुदृढ़ होगी तो मरीजों को अनावश्यक भागदौड़ से राहत मिलेगी।
मरीजों को अनावश्यक करनी पड़ती भागदौड़
कटेहरी निवासी सुरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि सीएचसी में लीवर व किडनी की जांच सुविधा उपलब्ध करानी चाहिए। जांच की सुविधा न होने से मरीजों को अनावश्यक भागदौड़ करनी पड़ रही है। जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग को सभी जरूरी जांच सुविधाएं कटेहरी व अन्य सभी सीएचसी पर उपलब्ध करानी चाहिए।
एक पखवारे में दिखेगा असर
सभी सीएचसी व पीएचसी की दिक्कतें दूर की जा रही हैं। कोशिश है कि एक पखवारे में सभी तरह की महत्वपूर्ण जांच सुविधाएं सुचारु करा दी जाएं। अन्य सुविधाएं भी बेहतर करने की कोशिश चल रही है। डॉ. राजकुमार, सीएमओ