अंबेडकरनगर। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर लोगोें में उल्लास है। जन्माष्टमी को हर्षोल्लास से मनाने के लिए रविवार को ही जिले में सभी जरूरी तैयारियां पूर्ण कर ली गईं। जिला मुख्यालय से लेकर जिले के अन्य क्षेत्रों में जगह-जगह जहां भव्य झांकियां सजाई गईं, वहीं मंदिरों की भी रंगाई-पुताई के साथ ही साज सजावट का कार्य भी एक दिन पहले ही पूरा कर लिया गया। जन्मोत्सव पर होने वाले विविध आयोजनों को उल्लासपूर्वक आयोजित करने को लेकर भी सभी तैयारियां पूरी कर ली गईं।
भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव वैसे तो 30 अगस्त को मनाया जाएगा, लेकिन रविवार को ही इसका उल्लास जिले में चहुंओर देखने को मिला। पर्व के उल्लास में किसी भी प्रकार की कमी न रह जाए, इसके लिए रविवार को ही लोगों ने तैयारियां पूरी कर लीं। जन्माष्टमी के दिन व्रत रखने वाली महिलाओं ने रविवार को बाजारों में पहुंचकर व्रत से संबंधित सामग्रियों की खरीदारी की। शहजादपुर बाजार में व्रत व पूजन-अर्चन संबंधित सामग्री की खरीदारी करती मिलीं गौरी द्विवेदी व सत्यवती ने कहा कि वे जन्माष्टमी पर्व पर निराजल व्रत रखती है। मध्यरात्रि भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के बाद व्रत का पारण करती हैं। व्रत को लेकर उन्होंने जरूरी खरीदारी पूरी कर ली। सरोज व किरन ने कहा कि उन्होंने अपने-अपने घर में ही भव्य झांकी सजा रखी है। सोमवार को मध्यरात्रि पर भगवान श्रीकृष्ण के जन्म होने के बाद आने वाले श्रद्धालुओं को प्रसाद भी वितरित किया जाएगा।
उधर पर्व को लेकर रविवार को ही जिला मुख्यालय से लेकर जिले के अन्य क्षेत्रों में जगह-जगह भव्य झांकियां सज गईं। अकबरपुर कोतवाली व पुलिस लाइन स्थित मंदिर के रंगरोगन के साथ ही उसकी साज सजावट का कार्य भी रविवार को पूर्ण कर लिया गया। इसके अलावा गायत्री मंदिर, नई सड़क स्थित काली मंदिर के साथ ही जलालपुर, भीटी, आलापुर तहसील क्षेत्र में भी जगह-जगह पर्व को लेकर भव्य झांकियां सजा ली गईं। टांडा में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के लिए मठ मंदिरों की सफाई का कार्य पूरा कर लिया गया है। वरिष्ठ ज्योतिषाचार्य पं. अजीत द्विवेदी ने बताया कि जन्माष्टमी पर दुर्लभ संयोग बन रहा है। ग्रह, नक्षत्रों की स्थिति के कारण इस वर्ष श्रीकृष्ण जन्माष्टमी बेहद शुभ व खास रहने वाली है। अष्टमी तिथि, रोहिणी नक्षत्र एवं सोमवार तीनों का एक साथ मिलना अति फलदायी है।