अंबेडकरनगर। अनुदानित नीम कोटेड यूरिया खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए डीएम के निर्देश पर जिले के सभी तहसीलों में तीन सदस्यीय टीम ने औद्योगिक प्रतिष्ठानों की औचक जांच पड़ताल की। अकबरपुर, भीटी, टांडा, जलालपुर व आलापुर तहसील इलाकों में यूरिया का उपयोग करने वाले औद्योगिक प्रतिष्ठानों पर गठित टीम ने पहुंचकर जांच पड़ताल की। साथ ही संचालकों को चेताया कि किसी भी दशा में अनुदानित नीम कोटेड यूरिया का प्रयोग न किया जाए। फिलहाल टीम को कार्रवाई के दौरान कोई खास गड़बड़ी पकड़ में नहीं आयी।
अनुदानित नीम कोटेड यूरिया खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए एसडीएम के नेतृत्व में गठित टीमों ने अपने अपने क्षेत्रों में विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठानों की जांच की। अकबरपुर में एसडीएम मोईनुल इस्लाम, जिला कृषि अधिकारी पीयूष राय व उपायुक्त जिला उद्योग की टीम ने अकबरपुर विकास खंड क्षेत्र स्थित पराग पशु आहार निर्माण शाला खानजहांपुर, गौरी कैटल फीड 50 नंबर ट्यूबेल के अलावा प्रिंटिग स्याही, वार्निश, पेंट, मोलासोज, फर्मेंटेशन व पशुआहार आदि औद्योगिक प्रतिष्ठानों की जांच पड़ताल की।
इसके साथ ही भीटी एसडीएम भूमिका यादव के साथ ही जिला कृषि अधिकारी व जिला उपायुक्त उद्योग ने भीटी तहसील क्षेत्र के साथ ही चीनी मिल बलरामपुर यूनिट मिझौड़ा का भी निरीक्षण कर जांच कार्य किया। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि कहीं भी अनुदानित नीम कोटेड यूरिया का प्रयोग होता नही मिला। सभी प्रतिष्ठान संचालकों को निर्देश दिया गया कि वह किसी भी दशा में अनुदानित नीम कोटेड यूरिया का प्रयोग नही करें अन्यथा कड़ी दंडात्मक कार्रवाई होगी।