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नोडल अफसर पहुंचे अस्पताल, नहीं खुला मिला मेन गेट का ताला

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अंबेडकरनगर के अकबरपुर सामुदायिक स्वास्थ्य का निरीक्षण के अधिकारी। - फोटो : AMBEDKAR NAGAR
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अंबेडकरनगर। कोविड-19 के जिला नोडल अधिकारी एवं संयुक्त निदेशक स्वास्थ्य ने रविवार को अकबरपुर सामुदायिक स्वास्थ्य का निरीक्षण किया। यहां पर पूरी तरह से चिकित्सकों व कर्मचारियों की लापरवाही दिखी।
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मनमानी का आलम यह कि अस्पताल के मुख्य द्वार का ताला नहीं खुल सका था। पिछले रास्ते पर आधा दर्जन से अधिक बाइक खड़ी थी। इससे मरीजों व तीमारदारों को आवागमन में मुश्किल हो रही थी। अस्पताल भवन से लेकर परिसर तक में गंदगी फैली हुई थी। इस पर अधिकारियों ने नाराजगी जाहिर करते हुए प्रभारी को कड़ी फटकार लगायी।
रविवार को कोविड 19 के जिला नोडल अधिकारी आईएएस विशेष सचिव लोक निर्माण डॉ चंद्रभूषण, संयुक्त निदेशक स्वास्थ्य डॉ यूूसी तिवारी व जिला कार्यक्रम समन्वयक डॉ मुकुल त्रिपाठी ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अकबरपुर का निरीक्षण किया। अधिकारी अस्पताल पहुंचे तो अस्पताल के मुख्य द्वार का ताला बंद मिला। पीछे के रास्ते पर आधा दर्जन बाइक खड़ी थी बड़ी मुश्किल से आना जाना हो रहा था।
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कोविड-19 हेल्प डेस्क नदारद रहा रहा, जबकि पिछले 11 दिन पूर्व हुए दौरे में स्टेट नोडल ऑफिसर द्वारा कोविड हेल्प डेस्क मुख्य द्वार पर लगाने की सख्त हिदायत दी गई थी। जनसंख्या पखवारा के लिए स्टाफ नर्स उषा गौतम द्वारा स्टाल लगाया गया था।
चिकित्सालय में प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ सुभाष चंद्र मौजूद मिले। महिला चिकित्सक कक्ष में आयुष चिकित्सक डॉ आशा उपाध्याय उपस्थित थीं। डॉ गौरी पांडेय अनुपस्थित पायी गईं। आयुष चिकित्सक डॉ रफी भी उपस्थित रहे। बाह्य रोगी विभाग में केवल 4 मरीज देखे गए थे, एक मरीज भर्ती मिला।
इसके अलावा इमरजेंसी कक्ष बंद पाया गया। अस्पताल परिसर में जगह-जगह कूड़े का ढेर एवं खुला कूड़ेदान रखा हुआ था। बायो मेडिकल वेस्ट के संग्रहण की कोई व्यवस्था नजर नहीं आई।
कार्यालय कक्ष में बीपीएम पवन वर्मा, बीसीपीएम शाहिद कमर एवं एक अन्य बीएसडब्ल्यू कर्मी उपस्थित रहे। डाटा एंट्री ऑपरेटर सुरेंद्र कुमार अनुपस्थित पाए गए। उसी कक्ष में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की महिला चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुधा वर्मा, डॉ पीसी वर्मा एवं डॉ विजय प्रकाश भी बैठे हुए थे। इस पर वहां उपस्थित चिकित्सकों को नोडल अधिकारी द्वारा किसी अन्य कक्ष में बैठने का निर्देश दिया गया, जिससे सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो सके।
प्रसव कक्ष के मुख्य द्वार पर पानी टपक रहा था। इससे वहां जलभराव हो गया था। उपरोक्त कर्मियों के बारे में पूछने पर प्रभारी चिकित्सा अधिकारी कोई समुचित जवाब नहीं दे सके। अस्पताल में फैली अव्यवस्थाओं को लेकर नोडल अधिकारी ने नाराजगी जाहिर करते हुए कड़ी फटकार लगाया। जल्द से जल्द व्यवस्थाओं में सुधार का निर्देश दिया।
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