अंबेडकरनगर। मुसलमानों के आखिरी रसूल हजरत मोहम्मद मुस्तफा अलैह वसल्लम के जन्मदिवस के मौके पर शनिवार को जगह-जगह महफिल का आयोजन हुआ। न सिर्फ शायरों ने कलाम प्रस्तुत किए बल्कि उलेमा ने हजरत मोहम्मद मुस्तफा के जीवन पर प्रकाश डाला। युवाओं से अपील की गई कि आखिरी रसूल के बताए आदर्श पर चलकर समाज व देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।
तहसील क्षेत्र जलालपुर के कटघर मूसा में अंजुमन फैजाने रसूल के तत्वावधान में जश्न-ए-ईद- मिलादुन्नबी का आयोजन हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत तिलावत-ए-कुरान पाक से हुई। मौलाना वासिल अख्तर अशरफी ने कहा कि हजरत मोहम्मद मुस्तफा ने सदैव इंसानियत का पैगाम दिया। तमाम मुश्किलें आने के बाद भी उन्होंने सब्र किया। कभी पलटकर किसी को जवाब नहीं दिया। उनका कहना था कि इस्लाम की बुनियाद बेहतर एखलाक पर है।
मौलाना इफ्तेखार रजा के संचालन में हुई महफिल में हाफिज मोहम्मद अमीन, हाफिज कलीमुल्लाह, गुलजार अहमद, मुजीब अहमद जमाली, शहनवाज, शौकत अली, संदल जलालपुरी, आदि ने कलाम प्रस्तुत किए। इसके अलावा अकबरपुर नगर के मीरानपुर में अजाखाने जुल्फेकार हुसैन में महफिल का आयोजन हुआ। इसमें मौलाना मोहम्मद अब्बास ने हजरत मोहम्मद मुस्तफा अलैह के जीवन पर प्रकाश डाला। युवाओं से अपील किया कि वे आखिरी रसूल के बताए आदर्श पर चलकर समाज के विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें। इस दौरान आरिफ अनवर, कासिद अकबरपुरी, डॉ आमिर, जर्रार हुसैन, जैबी रिजवी, मीसम आदि ने कलाम प्रस्तुत किए।