अंबेडकरनगर। जिले के सभी पांच उप जिलाधिकारियों का एक साथ स्थानांतरण होने का सीधा प्रतिकूल प्रभाव आय, जाति व निवास प्रमाणपत्र पर पड़ा है। अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जिले की सभी पांच तहसीलों में लगभग 5 हजार आय, जाति व निवास प्रमाणपत्र लंबित हैं। मौजूदा समय में छात्रवृत्ति, शुल्क प्रतिपूर्ति व बीएड प्रवेश के लिए आय, जाति व निवासी प्रमाणपत्र की जरूरत पड़ रही है। इसके लिए बार-बार आवेदक संबंधित तहसील मुख्यालय का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन मायूसी हाथ लग रही है। आवेदकों का कहना है कि यदि शीघ्र ही प्रमाणपत्र नहीं मिला, तो उनके समक्ष विभिन्न प्रकार की मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं।
मौजूदा समय में छात्रवृत्ति, शुल्क प्रतिपूर्ति के साथ ही बीएड में प्रवेश का दौर चल रहा है। इसके लिए छात्र-छात्राओं की ओर से आवेदन किए जा रहे हैं। हालांकि इसमें सबसे अधिक बाधा आय, जाति व निवास प्रमाणपत्र बन रहे हैं। कारण यह कि समय पर उन्हें आय, जाति व निवास प्रमाणपत्र नहीं मिल पा रहा है। इसके लिए वे बार-बार संबंधित तहसील मुख्यालय का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें मायूसी ही हाथ लग रही है। इसका मुख्य कारण बीते दिनों सभी पांच तहसील के उपजिलाधिकारी का एक साथ स्थानांतरण होना बताया जा रहा है।
माना जा रहा है कि नए उप जिलाधिकारी के डिजिटल हस्ताक्षर विलंब से प्रमाणित होने के चलते ही इस प्रकार की समस्या उत्पन्न हो रही है। नाम न छापने की शर्त पर एक राजस्वकर्मी ने बताया कि जिले में लगभग 5 हजार आय, जाति व निवास प्रमाणपत्र लंबित हैं। हालांकि डिजिटल हस्ताक्षर प्रमाणित होने के बाद आय, जाति व निवास प्रमाणपत्र के निर्गत होने का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है।
प्रमाणपत्र न मिला, तो होगी समस्या
सरिता ने कहा कि उन्होंने आय, जाति व निवास प्रमाणपत्र के लिए आवेदन किया है। एक सप्ताह से अधिक समय हो गया आवेदन किए हुए, लेकिन अब तक उन्हें प्रमाणपत्र नहीं मिल सका है। भीटी के राजेश कुमार ने कहा कि उनके पुत्र को छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करना है। इसके लिए आय प्रमाणपत्र की आवश्यकता है। आवेदन किए हुए लगभग 15 दिन हो गए, लेकिन अब तक नहीं मिल सका। 30 नवंबर तक छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि है। यदि समय रहते नहीं मिला, तो आवेदन करने में समस्या हो सकती है।
दिशा गया है जरूरी निर्देश
छात्र-छात्राओं के हित को ध्यान में रखते हुए सभी एसडीएम को निर्देशित किया गया है कि समय पर प्रमाणपत्र उपलब्ध करा दें। सभी एसडीएम के डिजिटल हस्ताक्षर प्रमाणित हो चुके हैं। शीघ्र ही सभी प्रमाणपत्र निर्गत कर दिए जाएंगे।
-अशोक कुमार कनौजिया, एडीएम