अंबेडकरनगर। सात माह से कार्यालय न आने के चलते अकबरपुर की मत्स्य निरीक्षक साधना सिंह का निलंबन होगा। बृहस्पतिवार को शिकायतों के बाद औचक निरीक्षण पर पहुंचे एसडीएम सदर की रिपोर्ट पर डीएम अविनाश सिंह ने शासन को निलंबन की संस्तुति की है। एसडीएम के निरीक्षण में साढ़े 10 बजे तक कार्यालय में तैनात नौ कर्मचारियों में से पांच गैर हाजिर मिले। इन सभी का एक दिन का वेतन रोकते हुए नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
एक दिन पहले सीडीओ अनुराज जैन को शिकायत मिली कि अकबरपुर की मत्स्य निरीक्षक साधना सिंह लंबे समय से कार्यालय नहीं पहुंच रही हैं। उन्होंने यह जानकारी डीएम अविनाश सिंह काे दी। उन्होंने तत्काल एसडीएम सदर पवन जायसवाल को निर्देशित किया कि सुबह कार्यालय पहुंचकर विधिवत जांच की जाए। इस पर एसडीएम बृहस्पतिवार सुबह कार्यालय पहुंच गए। एसडीएम को वहां 10:26 बजे पांच कर्मचारी सुनीता वर्मा, संदीप चौधरी, मोहम्मद अशरफ, हरिशंकर व रामप्रसाद वर्मा अनुपस्थित मिले। मत्स्य निरीक्षक साधना भी नहीं मिलीं।
एसडीएम ने पूरी रिपोर्ट डीएम को सौंपी। रिपोर्ट मिलने पर अनुपस्थित मिले पांच कर्मचारियों के एक दिन के वेतन पर रोक लगाते हुए नोटिस जारी किया गया है। डीएम ने बताया कि एसडीएम की रिपोर्ट में कहा गया है कि सात माह से मत्स्य निरीक्षक कार्यालय नहीं आ रही हैं। यह बड़ी अनुशासनहीनता व सरकारी कार्यों के प्रति बड़ी लापरवाही है।
डीएम ने कहा कि जिले में इन दिनों तालाबों में मछली पालन व अन्य प्रयासों के जरिए ग्रामीणों को जब ज्यादा लाभ पहुंचाने पर काम किया जा रहा है तब इस तरह की मनमानी क्षम्य नहीं है। इसके चलते ही मत्स्य निरीक्षक के निलंबन के लिए शासन को पत्र भेज दिया गया है।
बोलीं मत्स्य निरीक्षक, तथ्य सही नहीं
मत्स्य निरीक्षक साधना सिंह ने कहा कि सात माह से कार्यालय न पहुंचने की बात सही नहीं है। जांच के दौरान लोगों ने सही तथ्य नहीं रखे। मैनें सिर्फ 30 जनवरी से 8 फरवरी तक का अवकाश अपने विभागीय उच्चाधिकारी से ले रखा है। 9 फरवरी को मैं फिर से कार्यालय पहुंचकर अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करुंगी। मैंने इस जिले में जुलाई 2023 में ज्वाइन किया है। अब अगस्त माह से ही मुझे गैर हाजिर बताना ठीक नहीं है। यदि ऐसा होता तो मुझे वेतन न मिलता, जबकि लगातार वेतन का भुगतान हो रहा है।
खड़े हुए गंभीर सवाल
सीडीओ को शिकायत मिली थी कि कई माह से मत्स्य निरीक्षक कार्यालय नहीं आ रहीं। एसडीएम की जांच में पुष्टि हुई कि सात माह से वे कार्यालय नहीं पहुंच रहीं। उधर साधना सिंह रा कहना है कि उन्हें नियमित वेतन भुगतान हो रहा है। अब सवाल यह खड़ा हो रहा है कि अगर सात माह से मत्स्य निरीक्षक कार्यालय ही नहीं जा रहीं हैं तो फिर भुगतान किन परिस्थितियों में होता रहा। इसके जिम्मेदार लोगों पर किस तरह की कार्रवाई होगी। जिन लोगों पर जांच पड़ताल कर भुगतान करने की जिम्मेदारी होती है वह क्यों मौन रहे।