अंबेडकरनगर। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति का व्यापक संकट उत्पन्न हो गया है। हालात ये हैं कि 10 घंटे भी बिजली मिलनी मुश्किल है। उपभोक्ताओं को न तो दिन में ठीक से बिजली मिल पा रही है और न ही रात में। नतीजतन त्राहि-त्राहि मची है।
दरअसल कोयला संकट के चलते विभिन्न इकाइयों में उत्पादन प्रभावित होने का सीधा असर ग्रामीण क्षेत्रों की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था पर पड़ा रहा है। इससे न सिर्फ घरेलू कामकाज प्रभावित हो रहे हैं, वरन छोटे उद्योग-धंधों पर भी असर देखने को मिल रहा है। उपभोक्ताओं ने प्रशासन से जल्द से जल्द आपूर्ति व्यवस्था में सुधार किए जाने की मांग की है।
विद्युत उत्पादन इकाइयों में कोयला संकट का असर आपूर्ति व्यवस्था पर दिखने लगा है। जिले के प्रमुख शहरी क्षेत्रों में तो स्थिति लगभग सामान्य है लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में आपूर्ति व्यवस्था हद दर्जें तक प्रभावित हुई है। इससे उपभोक्ताओं में हाहाकार मचा हुआ है। वैसे तो ग्रामीण क्षेत्रों में 18 से 20 घंटे आपूर्ति का रोस्टर लागू है, लेकिन 10 घंटे भी बिजली आपूर्ति मुश्किल हो गई है। बदतर विद्युत आपूर्ति व्यवस्था का प्रतिकूल असर अब आमजनजीवन पर पड़ने लगा है।
दिन-रात हो रही व्यापक कटौती के चलते उपभोक्ताओं को विभिन्न मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। न सिर्फ उनके समक्ष पेयजल का संकट खड़ा हो रहा है बल्कि छोटे-उद्योगधंधे भी प्रभावित हो रहे हैं। शहरी क्षेत्र के उपभोक्ताओं को तो फिर भी समुचित बिजली मिल जा रही है लेकिन ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं को रोस्टर के अनुसार बिजली नहीं मिल पा रही है।
ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं को कितनी बिजली मिल रही है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बमुश्किल 10 घंटे भी बिजली नहीं मिल पा रही है। जलालपुर नगर के साथ ही अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में बार-बार ट्रिपिंग होती रहती है। भीटी व आसपास के क्षेत्रों का भी यही हाल है। इससेे संबंधित क्षेत्र के उपभोक्ताओं को जहां पूरी रात गर्मी में परेशान होना पड़ता है तो वहीं पेयजल का भी संकट खड़ा हो गया है।
टांडा नगर को 12 से 14 घंटे जहां बिजली मिल रही है तो वहीं ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं को 10 घंटे भी बिजली नहीं मिल पा रही है। बसखारी नगर के उपभोक्ताओं को 12 घंटे तो आसपास के क्षेत्र के ग्रामीणों को 10 घंटे ही बिजली मिल रही है। जमुनीपुर, लोदीपुर, भवानीपुर, उकरा समेत अकबरपुर तहसील के अन्य कई ग्रामीण क्षेत्रों का भी यही हाल है।
उकरा के उपभोक्ता दिलीप सिंह व कृष्णकुमार सिंह ने कहा कि कुछ दिनों से बिजली व्यवस्था पूरी तरह से बेपटरी हो चुकी है। 10 घंटे भी ठीक से बिजली नहीं मिल रही है। इससे विभिन्न मुश्किलें खड़ी हो रही हैं। उपभोक्ताओं को सुचारु बिजली मिल सके, इसके लिए प्रशासन को ठोस कदम उठाना होगा।
बूढ़नपुर निवासी महेश कुमार व चांदपुर निवासी राजेंद्र सिंह ने नाराजगी जताते हुए कहा कि कोयले का संकट होने के चलते जिस तरह बिजली संकट खड़ा हुआ है, वह अत्यंत चिंताजनक है। स्थिति में जल्द से जल्द सुधार हो, इसके लिए जिम्मेदारों को गंभीरता दिखानी होगी।
अधीक्षण अभियंता विद्युत रमेशचंद्र ने बताया कि कोयले की आंशिक कमी के चलते आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित हुई है। उत्पादन फिर से सुचारु करने के सभी जरूरी प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द ही आपूर्ति व्यवस्था सामान्य कर ली जाएगी। उपभोक्ताओं को संयम बरतने की जरूरत है।