फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गड्ढा खोदा, पौधा रखा, खत्म हो गई जिम्मेदारी

विज्ञापन
अंबेडकरनगर में जलालपुर तहसील के मरहरा में सूखते पौधे। - फोटो : AMBEDKAR NAGAR
विज्ञापन
अंबेडकरनगर। वन महोत्सव में दो दिन पहले आंकड़ों की बाजीगरी से एक दिन में 27 लाख पौधे रोपित करने के दावे की पोल खुलनी शुरू हो गयी है। पौधरोपण के नाम पर बरती गयी रस्म अदायगी के कारण अधिकांश जगह गड्ढे में पौधे को रखकर ही रोपण पूरा मान लिया गया। इन्हें पानी देने तक की जरूरत नहीं समझी गयी।
विज्ञापन

इसी कारण देखभाल न होने से दो दिन पहले रोपित पौधे अब सूख कर नष्ट होने लगे हैं। गुरुवार को स्थलीय सत्यापन कर रोपे गए पौधों की देखभाल को परखा गया तो सामने आया कि पौधे लगाने की हड़बड़ी में अधिकांश जगह संबंधित विभाग के कर्मचारी बस खोदे गये गड्ढे में पौध रखकर चले गए। उन्होंने गड्ढे में मिट्टी भरने से लेकर पौधे को पानी देने तक की कोई जरूरत नहीं समझी।
लाखों पौधे लगाने की कार्ययोजना बनाते समय वन एवं अन्य विभागों ने विभिन्न स्तर पर लापरवाही बरती। इसके चलते ही कागजी आंकड़ों के तहत एक दिन में 27 लाख से अधिक पौधे लगाकर अफसरों ने वाहवाही तो जरूर बटोरी लेकिन जमीनी हकीकत इससे काफी इतर रही। इनमें से अधिकांश जगह पौध रोपण के नाम पर सिर्फ रस्म अदायगी कर खोदे गए गड्ढों में पौध को रख कर ही रोपण पूरा मान लिया गया।
विज्ञापन

रोपित पौधों की सुरक्षा को लेकर कोई ठोस इंतजाम न करने के कारण अधिकांश जगह रोपण बाद इन पौधों को जानवर चर गए। जबकि कई जगह पौधों को पानी न दिए जाने से वह दो दिन में ही सूख कर नष्ट होते दिखे। भीटी तहसील परिसर में लगा पौधा तक पानी न मिलने से सूख गया जबकि डीएम सैमुअल पॉल एन ने सख्त ताकीद की थी कि रोपित पौधों के निकट ट्री गार्ड बना कर उनकी जरूरी देखभाल की जाये।
तहसील परिसरों में भी देखभाल नहीं
कटेहरी ब्लॉक के सेहरा जलालपुर में हुए वृहद पौधरोपण के दौरान रोपित दो हजार पौधे भी पानी न मिलने के कारण तेज धूप व गर्मी के चलते सूख कर नष्ट होने लगे हैं। इसी तरह जलालपुर तहसील क्षेत्र के मरहरा में वन विभाग ने लगभग ढाई हजार पौधे तो रोपित करवा दिए लेकिन इसके बाद रोपण स्थल की तरफ मुड़कर भी नहीं देखा। इससे तमाम रोपित पौधों का वजूद रोपण के कुछ घंटे बाद ही खत्म हो गया।
तय की जा रही देखभाल
पौधे लगाने के साथ ही उनकी देेखभाल तय हो रही है। पानी देने के लिए स्थानीय तौर पर जिम्मेदारियां तय हैं। इसके बेहतर नतीजे जल्द ही सामने आएंगे। वन महोत्सव की आने वाली तिथियों पर पौधरोपण कार्य और व्यवस्थित तरीके से चलेगा।
विज्ञापन

एके कश्यप, प्रभागीय वनाधिकारी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें