अंबेडकरनगर जिला मुख्यालय पर मां भवानी की पूजा अर्चना करते श्रद्धालु।
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अंबेडकरनगर। नवरात्र व्रत के तीसरे दिन श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा के तीसरे स्वरूप मां चंद्रघंटा की आराधना की। सुबह से ही मंदिरों में मां के भक्त पहुंचना शुरू हो गए थे, यह क्रम सारा दिन जारी रहा। मां शेरावाली के जयकारे से माहौल भक्तिमय नजर आया। एसपी के निर्देश पर जिला मुख्यालय समेत ग्रामीण क्षेत्र के मंदिर पुलिसकर्मियों की निगरानी में हैं।
तीसरे दिन सोमवार को चंद्रघंटा देवी की पूजा आराधना हुई। भक्तों ने स्वयं व परिवार के लिए विभिन्न मंदिरों में जाकर माथा टेका और मनवांछित फल की कामना की। जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्र में मां दुर्गा के तीसरे स्वरूप की विधिविधान से पूजा-अर्चना हुई। नौ दिन का व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं ने पहले घरों में पूजा की फिर मंदिर पहुंच कर माथा टेका।
अकबरपुर नगर पालिका कार्यालय के निकट स्थित दुर्गा मंदिर, अकबरपुर पुराने तहसील तिराहे के निकट गायत्री मंदिर, शहजादपुर स्थित रामजानकी मंदिर व शहजादपुर शिवालय घाट स्थित दुर्गा मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ दिखी। महिला व पुरुष श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा के तीसरे स्वरूप चंद्रघंटा की आराधना की। टांडा, आलापुर, जलालपुर, भीटी आदि क्षेत्रों में भी श्रद्धालु मां दुर्गा की आराधना करते दिखे। मंदिरों में पहुंच रहे श्रद्धालुओं के जयकारों से माहौल भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पुलिस भी सक्रिय दिखी।
पंडित अशोक पांडेय ने कहा कि देवी का यह स्वरूप परम शांतिदायक और कल्याणकारी है। इस देवी के मस्तक पर घंटे के आकार का आधा चंद्र है। इसीलिए इस देवी को चंद्रघंटा कहा गया है। इनके शरीर का रंग सोने के समान चमकीला है। हमें मन, वचन और कर्म के साथ ही काया को विधि-विधान के अनुसार शुद्ध व पवित्र करके चंद्रघंटा के शरणागत होकर उनकी उपासना-आराधना करनी चाहिए। इससे सारे कष्टों से मुक्त होकर सहज ही परम पद के अधिकारी बन सकते हैं। यह देवी कल्याणकारी है।