फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जॉइनिंग से पहले ही समीक्षा अधिकारी की हत्या से कोहराम

Sun, 24 Apr 2016 12:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/अंबेडकरनगर
विज्ञापन
मरुई ताजपुर गांव में युवक की हत्या के बाद विलाप करते परिवारीजन। ‌ - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
जॉइनिंग से पहले ही समीक्षा अधिकारी के पद पर चयनित युवक की हत्या कर बस्ती जिले में शव फेंके जाने से परिवार में कोहराम मच गया है। परिवारीजनों के अनुसार युवक के साथ कानपुर में रह रहे उसके ममेरे भाई के मोबाइल पर डेढ़ करोड़ रुपये की फिरौती का संदेश आया था।
विज्ञापन


हालांकि उस नंबर पर तत्काल काल किए जाने पर वह बंद मिला। इसके दो दिन बाद शुक्रवार शाम बस्ती में युवक का शव मिला। युवक तीन पुत्री के बीच इकलौता बड़ा पुत्र था। घटना के बाद से माता-पिता वह बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना को क्यों और किसने अंजाम दिया, यह परिवारीजन समझ नहीं पा रहे।

गौरतलब है कि अकबरपुर थाना क्षेत्र के मरुई ताजपुर गांव निवासी वीरेंद्र विश्वकर्मा के घर शुक्रवार देरशाम उस समय कोहराम मच गया, जब खबर आयी कि उनके इकलौते पुत्र शैलेष (26) का शव बस्ती जिले के छावनी क्षेत्र में पड़ा पाया गया है।
विज्ञापन


सूचना के बाद वीरेंद्र व कुछ अन्य ग्रामीण देर रात ही बस्ती के लिए रवाना हो गए। शैलेष का चयन बीते दिनों समीक्षा अधिकारी के पद पर हो गया था। वह कानपुर में अपने ममेरे भाई अशोक के साथ रह रहा था। 21 अप्रैल को उसकी जॉइनिंग सचिवालय में होनी थी।

परिवारीजनों ने बताया कि अशोक के अनुसार उसको किसी जरूरी काम से मुंबई जाना पड़ गया। वह उसकी जॉइनिंग कराने के लिए 19 अप्रैल को लौटा तो कमरे पर शैलेष नहीं मिला। इसी बीच उसके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से एसएमएस आया, जिसमें डेढ़ करोड़ रुपये की फिरौती दिए जाने का जिक्र था।

उसने संबंधित नंबर पर फोन किया तो वह बंद मिला। इसके बाद से ही शैलेष की तलाश की जा रही थी लेकिन कोई सफलता नहीं मिल रही थी। शुक्रवार देर शाम उसका शव मिलने की मनहूस सूचना सामने आयी। शैलेष की मौत की खबर के बाद से यहां परिवार में रोना-पिटना मचा हुआ है।

मां सुमन देवी का रो-रोकर बुराहाल है। वह समझ ही नहीं पा रही कि उसके इकलौते लाल को किसकी नजर लग गई। वह बार-बार बेहोश हो जा रही थी। तीन छोटी बहनें गुंजन, मंगेश व खुशबू भी भाई की हत्या को लेकर स्तब्ध हैं। उनकी आंखों से भी लगातार आंसू निकल रहे हैं।
विज्ञापन


परिवार को सांत्वना देने के लिए पहुंचे लोगों को भी उन्हें ढांढस बंधा पाना कठिन हो रहा है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें