अंबेडकरनगर। फसल अवशेष खेतों में न जलाएं जाएं, इसके लिए डीएम सैमुअल पॉल एन ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट में कंबाइन हार्वेस्टर मालिकों, क्षेत्रीय कृषकों एवं खंड विकास अधिकारियों के साथ बैठक की। डीएम ने कहा कि खेतों में पराली जलाने से दोहरा नुकसान हो रहा है। ऐसे में किसानों को जागरूकता का परिचय देने की जरूरत है। बगैर सुपर स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम या स्ट्रा रीपर लगाए बगैर धान की कटाई न करें। कृषि विभाग लगातार अभियान चल रहा है। गुरुवार को भी एक मशीन सीज की गई है।
डीएम ने कंबाइन संचालक, किसान व विभिन्न विकास खंडों के बीडीओ के साथ बैठक की। इसमें खेतों में पराली न जलाने को लेकर दिशा निर्देश दिया। डीएम ने कहा कि खेतों में पराली जलाने से न सिर्फ पर्यावरण को क्षति पहुंच रही है, बल्कि खेतों की उर्वरा शक्ति क्षीण हो रही है। ऐसे में किसानों को जागरूकता का परिचय देते हुए पराली जलाने से बचना है।
कहा कि पराली जलाने को रोकने लिए कंबाइन मशीन संचालकों को भी निर्देश दिया जा रहा है। वह अपनी मशीन में सुपर स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम लगाए या फिर स्ट्रा डीपर। जिला कृषि अधिकारी पीयूष राय ने बताया कि गुरुवार को बसखारी विकास खंड में बगैर एसएमएस सिस्टम व स्ट्रा डीपर के चल रही एक कंबाइन मशीन को सीज किया गया है। इसके अलावा अब तक 21 किसानों से 55 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया।