टांडा (अंबेडकरनगर)। टांडा सीट से सपा प्रत्याशी और पूर्व मंत्री राममूर्ति वर्मा व कटेहरी से निषाद पार्टी प्रत्याशी अवधेश द्विवेदी व समर्थकों के खिलाफ आचार संहिता उल्लंघन का केस दर्ज किया गया है। राममूर्ति पर आरोप है कि उन्होंने बैठक में अनुमति से ज्यादा लोगों को बुलाया। इनमें से ज्यादातर लोगों ने मास्क भी नहीं लगाया था। वहीं अवधेेश पर बिना अनुमति के इब्राहिमपुर क्षेत्र में जुलूस निकालने का आरोप है। इसमें भी ज्यादातर लोग बिना मास्क के थे। एसपी आलोक प्रियदर्शी ने सभी थाना प्रभारियों को फिर से निर्देश दिए हैं कि कहीं भी आचार संहिता का किसी भी तरह का उल्लंघन दिखे तो तत्काल केस दर्ज करवाएं।
विधानसभा चुनाव के लिए प्रत्याशियों की घोषणा के बाद से पुलिस प्रशासन ने आदर्श आचार संहिता को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। डीएम सैमुअल पॉल एन और एसपी आलोक प्रियदर्शी इसको लेकर नियमित समीक्षा भी कर रहे हैं। इसी के चलते दो प्रत्याशियों के आचार संहित के उल्लंघन का मामला जैसे ही सामने आया एसपी ने केस दर्ज कराने का निर्देश दे दिया। इसके बाद कोतवाली टांडा में बृहस्पतिवार को उपनिरीक्षक रामनरेश वर्मा ने तहरीर देकर केस दर्ज कराया।
इसमें कहा गया है कि एक फरवरी को सपा प्रत्याशी राममूर्ति वर्मा ने नगर के शांति मैरिज लॉन में जो बैठक बुलाई उसमें कोरोना गाइडलाइन का उल्लंघन हुआ। अधिकांश लोगों ने मास्क नही लगाया था। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन भी नही किया गया। आयोजन स्थल पर सैनिटाइजेशन की व्यवस्था नहीं दिखी। बैठक में निर्धारित संख्या से अधिक लोग मौजूद थे। कोतवाली पुलिस ने तहरीर के आधार पर सपा प्रत्याशी पूर्व मंत्री राममूर्ति वर्मा व सपा विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष संदीप यादव सहित 800 अज्ञात लोगों के विरुद्घ कोविड गाइडलाइन के उल्लंघन का केस दर्ज कर लिया गया।
उधर कटेहरी विधानसभा क्षेत्र से मैदान में उतरे निषाद पार्टी प्रत्याशी अवधेश द्विवेदी व उनके तमाम समर्थकों पर भी केस दर्ज हुआ है। उन पर आरोप है कि उन्होंने बिना अनुमति केदारनगर से इल्तिफातगंज तक जुलूस निकाला। जिसमें करीब 50 समर्थक शामिल थे। इस जुलूस का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।
पुलिस ने इसका संज्ञान लिया और इब्राहिमपुर थाने के उपनिरीक्षक जितेंद्र सिंह ने प्रत्याशी अवधेश द्विवेदी व उनके 40 से 50 समर्थकों के खिलाफ आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन का केस दर्ज कराया। इस बीच एसपी आलोक प्रियदर्शी ने गुरुवार को एक बार फिर कहा कि आचार संहिता का उल्लंघन होने पर तुरंत केस दर्ज कराया जाए।