अंबेडकरनगर। देश में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य महकमे ने जिले में कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। गुरुवार से जिला अस्पताल में मास्क न लगाने वाले मरीजों व तीमारदारों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। इसे लेकर ओपीडी व इमरजेंसी वार्ड के मुख्य गेट पर सुरक्षा गार्ड की तैनाती कर दी गई। जिला अस्पताल में सिर्फ उन्हीं मरीजों व उनके तीमारदारों को अंदर प्रवेश करने दिया जा रहा था, जिन्होंने मास्क लगा रखा था। उधर, इन सब के बीच लंबे समय से खराब पड़ीं तीन सैनिटाइजर मशीनों को दुरुस्त कराने की सुध जिम्मेदारों को अब भी नहीं है।
कोरोना वायरस की दूसरी लहर को बढ़ने से रोकने के लिए अब फिर से स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया है। रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन व सार्वजनिक स्थानों पर जहां थर्मल स्क्रीनिंग का कार्य तेज कर दिया गया है, वहीं मास्क की अनिवार्यता सुनिश्चित करने को लेकर भी सख्ती शुरू हो गई है। जिला अस्पताल में गुरुवार को ओपीडी व इमरजेंसी गेट पर सुरक्षा गार्ड की तैनाती कर दी गई। सिर्फ उन्हीं मरीजों व उनके तीमारदारों को अंदर प्रवेश करने दिया जा रहा था, जिन्होंने मास्क लगा रखा था। जिन्होंने मास्क नहीं लगा रखा था, उन्हें वापस कर दिया जा रहा था।
चिकित्सकों व कर्मचारियों ने भी अनिवार्य रूप से मास्क लगा रखा था। वापस लौटाए गए जिन तीमारदारों व मरीजों ने जब मास्क का प्रबंध किया, तब ही उन्हें प्रवेश मिल पाया। गार्डों ने मरीजों व तीमारदारों से कहा कि आगे भी वे यदि बगैर मास्क के जिला अस्पताल आए तो प्रवेश नहीं दिया जाएगा। इस बीच स्वास्थ्य विभाग के इस निर्णय से गुरुवार को जिला अस्पताल पहुंचे मरीजों व तीमारदारों में आपाधापी का माहौल देखने को मिला।
इन सबके बीच मास्क तो अनिवार्य कर दिया गया, लेकिन अरसे से खराब पड़ीं तीन सैनिटाइजर मशीनों को दुरुस्त नहीं कराया जा सका है। बताते चलें कि जिला अस्पताल को तीन सैनिटाइजर मशीन उपलब्ध कराई गई थीं, लेकिन शायद ही कभी सुचारु रूप से संचालित हुई हों। तीनों मशीनों के खराब होने से मरीज व तीमारदार बगैर खुद को सैनिटाइज किए धड़ल्ले से इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। तीमारदार राकेश कुमार, जगदीश, सुनील कुमार ने कहा कि मास्क तो अनिवार्य कर दिया गया, लेकिन सैनिटाइजर मशीनों को दुरुस्त करने की सुध नहीं है। सीएमएस डॉ. ओमप्रकाश ने बताया कि सैनिटाइजर मशीनों को दुरुस्त कराया जा रहा है। मास्क की अनिवार्यता कड़ाई से लागू की गई हैै। ऐसा इसलिए, जिससे कोरोनों संक्रमण को फलने पर रोक लगाई जा सके।
कोरोना पॉजिटिव मिली प्रसूता
जिले में कोरोना की दूसरी लहर शुरू हो गई है। 48 घंटे के अंदर दो नए कोरोना संक्रमित सामने आए। मंगलवार को मालीपुर थाना क्षेत्र का एक युवक इलाज के लिए लखनऊ गया था। वहां इलाज से पहले हुई जांच में वह कोरोना पॉजिटिव पाया गया था। उसे मेडिकल कॉलेज लखनऊ में आइसोलेट कर दिया गया था। इस बीच अब बुधवार देर शाम टांडा विकास खंड क्षेत्र की एक प्रसव पीड़ित महिला राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर पहुंची तो जांच में वह कोरोना पॉजिटिव पाई गई। हालांकि चिकित्सकों ने ऑपरेशन कर सुरक्षित प्रसव करा लिया। सीएमओ डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि संबंधित महिला को इलाज के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज में ही आइसोलेट कर दिया गया है।