अंबेडकरनगर। ग्रामीण क्षेत्रों में मरीजों की बेहतर स्वास्थ्य सुविधा के लिए आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का निर्माण तो कराया गया है, लेकिन मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। निर्माण पूरा होने के बाद भी कई आरोग्य मंदिरों को स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर नहीं किया जा सका है। कुछ आरोग्य मंदिर खुलते हैं, लेकिन यहां अव्यवस्थाओं के चलते लोग उपचार कराने ही नहीं आते हैं। इस महत्वाकांक्षी योजना के क्रियान्वयन के नाम पर सिर्फ रस्म अदायगी हो रही है। बृहस्पतिवार को अमर उजाला ने पड़ताल कराई तो यही हकीकत सामने आई।
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नहीं हुआ हैंडओवर
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जलालपुर के सीएचसी भियांव के दूल्हूपुर बाजार में बना आयुष्मान आरोग्य मंदिर दो वर्ष पहले बन कर तैयार हो गया था, लेकिन अभी तक इसे हैंडओवर नहीं किया गया है। इस कारण संचालन नहीं हो रहा है। यहां के मरीजों को इलाज के लिए जलालपुर जाना पड़ता है।
चल रहा निर्माण
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क्षेत्र के सम्मनपुर में आयुष्मान आरोग्य मंदिर का निर्माण लंबे समय से कराया जा रहा है। इससे लोगों को घर के पास ही इलाज की सुविधा मिल जाए, लेकिन काम कब पूरा होगा यह बता पाना विभागीय अधिकारियों के लिए भी मुश्किल हो रहा है।
नहीं पहुंचे मरीज
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जलालपुर नगर पंचायत में खुला आयुष्मान आरोग्य मंदिर संचालित मिला। यहां पर सीएचओ गरिमा प्रजापति मौजूद रहीं, लेकिन सुबह 11 बजे तक कोई मरीज इलाज कराने के लिए नहीं आया था। यहां मरीज कम ही पहुंचते हैं।
वर्जन
जांच कराकर किया जाएगा हैंडओवर
कई आयुष्मान आरोग्य मंदिर अभी निर्माणाधीन होने की वजह से हैंडओवर नहीं हुए हैं। जहां निर्माण पूरा हो चुका है, उनकी जांच कराकर हैंडओवर की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
- डॉ. सालिकराम पासवान, सीएमओ