अंबेडकरनगर। लगभग पांच बाद जिले के 402 माध्यमिक विद्यालय सोमवार को गुलजार हुए। ज्यादातर विद्यालयों में कोरोना गाइडलाइन का अनुपालन करते हुए कक्षाएं संचालित हुईं। 50-50 प्रतिशत बच्चों की उपस्थिति तय करने के लिए विद्यालय को दो पालियों में खोला गया। प्रथम पाली सुबह 8 से 12 बजे तक तथा दूसरी पाली साढ़े 12 बजे से साढ़े 4 बज तक चली। स्कूल पहुंचे छात्र-छात्राओं को न सिर्फ सोशल डिस्टेंसिंग के साथ बैठाया गया, बल्कि सैनिटाइजर व मास्क की व्यवस्था भी मुकम्मल दिखी। अधिकारियों ने कई विद्यालयों का औचक निरीक्षण भी किया।
कोरोना महामारी का सबसे अधिक असर बच्चों की शिक्षण व्यवस्था पर पड़ा है। कोरोना के चलते मार्च के अंतिम सप्ताह में सरकार ने सभी विद्यालयों को बंद कर दिया था। इसके बाद से विद्यालयों में शिक्षण कार्य बाधित चल रहा था। ऑनलाइन आदि के माध्यम से बच्चों को शिक्षा देने का प्रयास किया जा रहा था, परंतु इसमें कई तरह की अड़चनें आ रही थीं। इससे शिक्षकों व बच्चों दोनों को मुश्किलें हो रही थीं। इसी बीच अब प्रदेश में कोरोना का खतरा कम होने पर शासन ने माध्यमिक विद्यालयों को खोलने का निर्णय लिया, परंतु इसके लिए शासन ने गाइडलाइन जारी कर रखी है।
सोमवार को शासन के निर्देश पर जिले के 402 माध्यमिक विद्यालय खुले तो उनमें भी व्यवस्था का पुख्ता इंतजाम देखने को मिला। स्कूल जाने की खुशी भी छात्र-छात्राओं के चेहरे पर साफ देखने को मिली। विद्यालय से मिले दिशा निर्देश के अनुसार प्रथम पाली में सुबह 8 बजे कक्षा 9 से 12 तक के सभी कक्षाओं के 50 प्रतिशत बच्चे स्कूल पहुंचे, तो दूसरी पाली में इसी तरह साढ़े 12 बजे संबंधित कक्षाओं के 50 प्रतिशत बच्चे पढ़ने के लिए आए।
दोनों पालियों में स्कूल पहुंचे विद्यार्थियों को घर से ही मास्क लगाकर आने का निर्देश था। मुख्य गेट पर प्रवेश करने पर सभी बच्चों को सैनिटाइज किया गया। इसके अलावा कक्षा में बैठने के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का विशेष ख्याल रखा गया। बड़ी बेंच पर सिर्फ दो छात्र-छात्राओं को बिठाया गया, जबकि छोटी बेंच पर सिर्फ एक विद्यार्थी को बैठने की व्यवस्था दिखी। अकबरपुर नगर के बीएन इंटर कॉलेज, डॉ. गणेश कृष्ण जेतली इंटर कॉलेज, डॉ. अशोक कुमार स्मारक इंटर कॉलेज, तक्षशिला एकेडमी, सेंट पीटर्स, सेंट जेवियर्स आदि स्कूलों में शासन की ओर से जारी गाइडलाइन का पालन होता दिखा। छात्र-छात्राओं के साथ ही शिक्षकों व अन्य शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को भी कोरोना गाइडलाइन का पालन करने का निर्देश था।
सभी इसका पालन करते भी दिखे। जिला मुख्यालय के अलावा ग्रामीण क्षेत्र के माध्यमिक विद्यालयों में भी गाइडलाइन के अनुपालन के साथ कक्षाएं संचालित हुईं। बच्चों में स्कूल खुलने को लेकर उत्साह भी देखने को मिला। डीआईओएस ने सरदार पटेल स्मारक इंटर कॉलेज, नरेंद्र देव जलालपुर, राजकीय बालिका हाईस्कूल बड़ेपुर, संतकबीर इंटर कॉलेज सैदापुर, रामदेव जनता इंटर कॉलेज कटेहरी सहित अन्य विद्यालयों का निरीक्षण किया। सभी प्रधानाध्यापकों को निर्देशित किया कि विद्यालय में निरीक्षण टीम बनाकर दोनों पालियों में बच्चों के बैठने व मास्क के सही ढंग से उपयोग का निरीक्षण करते रहें। साथ ही प्रत्येक शनिवार को विद्यालय को सैनिटाइज भी कराएं। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
छात्र बोले, कक्षा शुरू होने से होगी बेहतर बढ़ाई
लगभग पांच माह बाद कॉलेज पहुंचने के बाद दोस्तों से हुई मुलाकात से बच्चे काफी उत्साहित नजर आए। सभी ने एक-दूसरे का हाल जानने के साथ कोरोना काल में पढ़ाई को लेकर किए गए प्रयासों पर भी चर्चा की। बीएन इंटर कॉलेज में अध्ययनरत कक्षा 12 के छात्र अंकित कुमार, प्रदीप व मनोज का कहना था कि कोरोना ने पढ़ाई पर सबसे ज्यादा असर डाला है। कक्षाएं शुरू होने से पढ़ाई अब बेहतर ढंग से हो सकेगी। कहा कि उन लोगों की इस बार बोर्ड परीक्षा है। ऐसे में उन लोगों को पढ़ाई पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। डॉ. अशोक कुमार स्मारक इंटर कॉलेज में कक्षा 11 की छात्रा मनीषा, प्रतिमा, कक्षा 10 के छात्र मोहित व राहुल भी कक्षाएं शुरू होने से काफी खुश दिखे। कहा कि घर पर रहकर उतनी अच्छी पढ़ाई नहीं हो पाती है।
निर्देशों का होगा पालन
शासन के निर्देश पर जिले के माध्यमिक विद्यालयों में निर्धारित मानक के अनुसार कक्षाएं संचालित कर दी गई हैं। निर्देशों का कड़ाई से पालन हो, इसके लिए स्वयं कई विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया है। सभी जगह व्यवस्था दुरुस्त पायी गई है। आगे भी निगरानी जारी रहेगी।
-भाष्कर मिश्र, डीआईओएस