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सरकारी अस्पतालों में खड़ी हैं बेकार 32 एंबुलेंस

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अंबेडकरनगर। जिला अस्पताल समेत जिले के अन्य सरकारी अस्पतालों में लगभग दो वर्ष से अधिक समय से 32 एंबुलेंस खड़े खड़े जंग खा रही हैं। निष्प्रयोज्य घोषित इन 108 व 102 सेवा की एंबुलेंस की नीलामी की सुध जिम्मेदारों को नहीं है। कुछ एंबुलेंस ऐसी भी हैं, जिनकी सीट आदि सामान नदारद हो चुके हैं। बताया जाता है कि चोरों ने निष्प्रयोज्य खड़ी इन एंबुलेंस के सामानों को बेच दिया। जो 32 एंबुलेंस निष्प्रयोज्य घोषित हैं, उनमें 108 सेवा की 12, जबकि 102 सेवा की 20 एंबुलेंस शामिल हैं। हालांकि इन एंबुलेंस के निष्प्रयोज्य होने से जिले में एंबुलेंस सेवा पर कोई असर नहीं है। क्योंकि इनकी जगह जिले में 52 एंबुलेंस मौजूद हैं, जो मरीजों को लाने और ले जाने का कार्य कर रही हैं।
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मालूम रहे कि वर्ष 2012 में 108 एंबुलेंस सेवा व वर्ष 2014 में 102 एंबुलेंस सेवा का संचालन प्रारंभ हुआ था। इसके लिए जिले को उस समय अलग अलग चरणों में कुल 32 एंबुलेंस मिलीं थीं। इसमें 108 सेवा की 12 व 102 सेवा की 20 एंबुलेंस शामिल थीं। धीरे धीरे ये जवाब देने लगीं। जैसे जैसे यह एंबुलेंस खराब होने लगीं, वैसे वैसे इनके स्थान पर नई एंबुलेंस जिले को उपलब्ध कराने के साथ ही खराब हुईं एंबुलेंस अलग अलग सरकारी अस्पताल में खड़ी कर दी गईं। कई वर्षों से जिला अस्पताल के साथ ही अन्य सरकारी अस्पताल में खड़ी 32 एंबुलेंस को निष्प्रयोज्य घोषित कर दिया गया।
निष्प्रयोज्य घोषित होने के बाद से ही यह एंबुलेंस नीलामी का इंतजार देख रही हैं। नीलामी न होने व अत्यंत जर्जर हो जाने के चलते सरकार को आर्थिक चपत भी लग रही है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इनकी नीलामी हो गई होती, तो न सिर्फ सरकार को राजस्व का लाभ मिलता, बल्कि इनके स्थान पर और भी नई एंबुलेंस जिले को उपलब्ध हो जातीं। उधर, एंबुलेंस के प्रोग्राम मैनेजर अमित वर्मा ने बताया कि निष्प्रयोज्य पड़ी एंबुलेंस की नीलामी के लिए शासन को पत्र भेजा गया है। मौजूदा समय में जिले में कुल 52 एंबुलेंस हैं। इसमें 108 व 102 एंबुलेंस सेवाओं के 26-26 वाहन हैं।
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शीघ्र कराई जाएगी नीलामी
102 व 108 एंबुलेंस सेवा के प्रभारियों से निष्प्रयोज्य एंबुलेंस से संबंधित पत्रावलियों को मांगा गया है। पत्रावलियों की उपलब्धता के बाद नीलामी प्रक्रिया शुरू करा दी जाएगी।
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- डॉ. श्रीकांत शर्मा, सीएमओ
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