अंबेडकरनगर। जिले के 271 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में अध्ययनरत लगभग 30 हजार छात्र-छात्राओं के लिए खुशखबरी है। शीघ्र ही उन्हें डेस्क व बेंच पर बैठकर पढ़ने की सुविधा मिलेगी। इसके लिए जरूरी प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। उम्मीद जताई जा रही है कि नवंबर के अंत तक संबंधित विद्यालयों में डेस्क व बेंच उपलब्ध करा दी जाएंगी। इससे पहले जिले के 249 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में डेस्क व बेंच उपलब्ध करा दी गई हैं।
उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं को अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में अध्ययनरत बच्चों की तरह ही सुविधाएं मिल सकें, इसके लिए उन्हें डेस्क व बेंच उपलब्ध कराने का निर्णय शासन ने लिया था। जिले में कुल 520 उच्च प्राथमिक विद्यालय संचालित हैं। इसमें 249 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में योजना के तहत पहले ही डेस्क व बेंच उपलब्ध कराई जा चुकी हैं। शेष 271 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में डेस्क व बेंच नहीं थीं। नया शिक्षा सत्र प्रारंभ होने से पहले ही संबंधित विद्यालयों में भी डेस्क व बेंच उपलब्ध कराने की घोषणा की गई थी। टेंडर हुआ, तो सबसे कम बोली लगाने वाली झाबरा एजेंसी को टेंडर दे दिया गया। हालांकि बाद में जांच में पाया गया कि झाबरा कंपनी ने जो प्रमाणपत्र लगाए हैं, वह पूरी तरह से फर्जी हैं। इसके बाद संबंधित कंपनी के टेंडर को निरस्त कर दिया गया।
नए सिरे से फिर से टेंडर प्रक्रिया प्रारंभ हुई। लगभग पांच माह तक चली लंबी प्रक्रिया के बाद संबंधित उच्च प्राथमिक विद्यालयों में डेस्क व बेंच की उपलब्धता की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था कृष्णा के इंडस्ट्रीज भोपाल को सौंपी गई। बीएसए कार्यालय के अनुसार शीघ्र ही नामित एजेंसी की ओर से 271 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में डेस्क व बेंच उपलब्ध करा दी जाएंगी। इससे लगभग 30 हजार छात्र-छात्राओं को लाभ मिलेगा। उम्मीद है कि नवंबर के अंत तक संबंधित विद्यालयों को डेस्क व बेंच उपलब्ध करा दी जाएंगी। इसके साथ ही सभी 520 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में डेस्क व बेंच उपलब्ध हो जाएंगी।
शीघ्र उपलब्ध हो जाएंगी डेस्क-बेंच
टेंडर प्रक्रिया पूरी करने के साथ ही 271 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में डेस्क व बेंच उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था कृष्णा के इंडस्ट्रीज भोपाल को दी गई है। शीघ्र ही संबंधित परिषदीय विद्यालयों को डेस्क व बेंच संबंधित कार्यदायी संस्था की ओर से उपलब्ध करा दी जाएंगी।
- भोलेंद्र प्रताप सिंह, बीएसए