अंबेडकरनगर। जिला मुख्यालय की लगभग 25 हजार आबादी गुरुवार की पूरी रात बिजली न मिलने से परेशान रही। इसका कारण यह रहा कि अकबरपुर-वाराणसी मुख्य मार्ग पर सिझौली के निकट गुरुवार की रात 10 बजे अनियंत्रित ट्रक ने टक्कर मारकर तीन विद्युत खंभों व उनके बीच लगे तारों को क्षतिग्रस्त कर दिया। नतीजा यह हुआ कि मरैला विद्युत उपकेंद्र से शहजादपुर फीडर की विद्युत आपूर्ति लगभग 14 घंटे तक ठप रही। इससे अकबरपुर नगर के विभिन्न मोहल्लों के लगभग 25 हजार लोगों को बिजली नहीं मिल सकी। इस दौरान सबसे ज्यादा दिक्कत पेयजल को लेकर हुई। लोग बूंद-बूंद पानी के लिए इधर-उधर भटकते रहे।
मुख्य मार्गों के ठीक बगल लगे बिजली के खंभे जिला मुख्यालय की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था के लिए बड़ी मुसीबत का सबब बन गए हैं। आए दिन वाहनों से इन खंभों के क्षतिग्रस्त होने से विद्युत आपूर्ति व्यवस्था पर प्रतिकूल असर पड़ता रहता है। सबसे ज्यादा दिक्कत अकबरपुर-वाराणसी मार्ग पर लगे बिजली के खंभों को लेकर है। अकबरपुर नगर में पुलिस चौकी के आगे से तक्षशिला एकेडमी तक सड़क के ठीक किनारे लगे बिजली के पोल अक्सर वाहनों की टक्कर से क्षतिग्रस्त हो जाते हैं। गुरुवार देर रात भी तेज रफ्तार अनियंत्रित ट्रक ने सिझौली के निकट बिजली के खंभों में टक्कर मार दी।
नतीजा यह हुआ कि बिजली के तीन खंभे व उनके बीच लगे तार क्षतिग्रस्त हो गए। इससे मरैला उपकेंद्र के शहजादपुर फीडर की विद्युत आपूर्ति ठप हो पड़ गई। रात 10 बजे हुए इस हादसे के बाद नागरिकों को इंतजार था कि शायद कुछ देर के बाद बिजली आपूर्ति बहाल हो जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। नतीजा यह हुआ कि शहजादपुर फीडर से जुड़े आधा दर्जन से अधिक मोहल्लों की विद्युत आपूर्ति पूरी रात ठप रही। सुबह नागरिकों की नींद खुली तो भी बिजली आपूर्ति ठप देखकर उनकी मुश्किलें बढ़ने लगीं। कर्मचारियों से लेकर अधिकारियों तक को उपभोक्ताओं ने फोन मिलाना शुरू कर दिया। अधिकारियों ने जल्द ही आपूर्ति बहाल करने का भरोसा तो दिलाया, लेकिन ऐसा हो नहीं सका।
नतीजा यह हुआ कि उपभोक्ताओं को पानी की आपूर्ति को लेकर सबसे ज्यादा मुश्किलों का सामना करना पड़ा। घरों में लगे टुल्लू व अन्य पंप नहीं चल पाए तो वहीं नगर परिषद की ओर से की जाने वाली पेयजल आपूर्ति भी ठप रही। ऐसे में हजारों नागरिकों को रोजमर्रा के कार्य निपटाने में भी मुश्किलें हुईं। नहाने व कपड़ा धोने से लेकर बर्तन आदि साफ करने तक में पानी के अभाव के चलते तमाम घरों के नागरिकों को परेशान होना पड़ा। गड़बड़ी को दुरुस्त कर पूूर्वाह्न 11 बजे विद्युत आपूर्ति बहाल हुई, तब जाकर उपभोक्ताओं ने राहत की सांस ली।
सड़क के किनारे से हटाए जाएं खंभे
व्यवसायी अनिरुद्ध मिश्र ने कहा कि यदि सिर्फ सिझौली व आसपास के बिजली खंभों को ही पीछे शिफ्ट कर दिया जाए तो अकबरपुर नगर के उपभोक्ताओं को आयेे दिन होने वाले व्यवधान से निजात मिल सकती है। उन्होंने हैरानी जताई कि आखिर पावर कॉर्पोरेशन के अधिकारियों का ध्यान इस ओर क्यों नहीं जा रहा है। अधिवक्ता विशाल सिंह ने कहा कि पावर कॉर्पोरेशन के अधिकारियों को उपभोक्ताओं के हितों की कोई परवाह ही नहीं है। प्रत्येक सप्ताह वाहनों की टक्कर से बिजली के खंभे व तार क्षतिग्रस्त होते रहते हैं, लेकिन समुचित प्रबंध करने की जरूरत महसूस नहीं की जा रही। उपभोक्ता अमरजीत सोनी ने कहा कि मरैला उपकेंद्र से जो बिजली आपूर्ति शहजादपुर को होती है, उसे दुरुस्त किए जाने की जरूरत है। अक्सर वाहनों की टक्कर से खंभे क्षतिग्रस्त हो जाते हैं। आए दिन पूरी रात या दिन में घंटों बिजली आपूर्ति से वंचित रहना पड़ता है। ऐसे में सड़क के ठीक किनारे लगे खंभों को पीछे शिफ्ट कराने की जरूरत है। इससे जिला मुख्यालय की विद्युत आपूर्ति और बेहतर हो सकेगी। उपभोक्ता लालजी चतुर्वेदी ने कहा कि मरैला से अकबरपुर नगर तक की केबल को अंडरग्राउंड कराया जाए। इससे बार-बार होने वाले व्यवधान को रोका जा सकेगा।
दूर कराई गई गड़बड़ी
ट्रक की टक्कर से कुछ खंभे क्षतिग्रस्त हो गए थे। उन्हें दुरुस्त कराकर बिजली आपूर्ति बहाल कराई गई। यह सुनिश्चित कराया जा रहा है कि इस प्रकार के हादसों को रोकने के लिए कौन-कौन से समुचित इंतजाम किए जा सकते हैं।
-वीके पटेल, अधिशाषी अभियंता विद्युत