करेली में जिस जकी अहमद के अवैध रूप से निर्मित मैरिज हाउस पर मंगलवार को बुलडोजर चला, वह मौजूदा समय में जेल में बंद है। देवरिया जेल कांड में नाम आने के बाद उसे जेल भेजा गया था। अतीक की बेगम का भाई जकी प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करता है, जो माफिया का राइट हैंड भी माना जाता है।
जकी का नाम तब चर्चा में आया जब देवरिया जेल कांड में सीबीआई की टीम ने उसे गिरफ्तार किया। देवरिया जेल में लखनऊ के प्रॉपर्टी डीलर मोहित जैन को ले जाकर पीटने, रंगदारी मांगने समेत अन्य आरोपों में अतीक व उसके बेटे उमर संग जकी भी नामजद हुआ था। उमर की तलाश में छापेमारी करने आई सीबीआई की टीम ने उसके घर पर भी छापा मारा था। जहां से जमीनों की खरीद फरोख्त संबंधी तमाम दस्तावेज बरामद किए गए थे, जिन्हें सीबीआई अफसरों ने कब्जे में ले लिया था।
इससे पहले अवैध प्लाटिंग कर टाउनशिप खड़ी करने में भी दो बार उसका नाम आया था। दोनों ही मामलों में पीडीए की ओर से 2017 व 2018 में उसके खिलाफ धूमनगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया। 2018 में दर्ज मुकदमे में उसके साथ ग्राहकों से धोखाधड़ी का भी आरोप लगा जिसमें वह अतीक के भाई अशरफ, फारुख बीड़ी, राशिद फरीदी व अन्य संग नामजद हुआ।
पीडीए के अवर अभियंता पीएन पंाडेय की ओर से दर्ज कराए गए इस मुकदमे में आरोप लगाया है कि धूमनगंज के लखनपुर में आरोपियों ने 50 बीघा से ज्यादा जमीन पर लखनपुर आवास योजना के नाम से अवैध टाउनशिप ही बसा ली। सूत्रों का कहना है कि अतीक के प्रॉपर्टी संबंधी काम जकी ही डील करता था और यही वजह है कि वह उसका बेहद करीबी भी था।