करछना निवासी कमलापति पाल किसानी करते हैं। उनके तीन बेटों में हरेंद्र सबसे छोटा था। उसने आठ अक्तूबर को धूमनगंज के न्याय नगर में किराये का कमरा लिया। पुलिस के मुताबिक, मकान मालिक अनिल मिश्रा को बताया कि वह पढ़ाई करता है।
धूमनगंज में किराये के मकान में सामान रखने आए हरेंद्र पाल (26) ने फांसी लगाकर जान दे दी। उसने खुदकुशी क्यों की, इसकी वजह नहीं साफ हो सकी। पुलिस का कहना है कि कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।
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करछना निवासी कमलापति पाल किसानी करते हैं। उनके तीन बेटों में हरेंद्र सबसे छोटा था। उसने आठ अक्तूबर को धूमनगंज के न्याय नगर में किराये का कमरा लिया। पुलिस के मुताबिक, मकान मालिक अनिल मिश्रा को बताया कि वह पढ़ाई करता है।
इसके बाद वह नहीं आया। शनिवार को वह अपना सामान लेकर पहुंचा। पूछने पर बताया कि उसे डेंगू हो गया था और यही वजह है कि वह सामान शिफ्ट नहीं कर पाया था। शनिवार दोपहर बहुत देर तक वह बाहर नहीं आया तो मकान मालिक को शक हुआ।
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उसने कई बार आवाज दी लेकिन जवाब नहीं मिला। खिड़की से झांकने पर देखा कि वह फांसी पर लटका हुआ था। सूचना पर पुलिस पहुंची और दरवाजा तोड़कर शव को फंदे से उतारा। परिजनों को सूचना देकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इंस्पेक्टर राजेश कुमार मौर्य ने बताया कि मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। परिवारवाले भी वजह नहीं बता पा रहे हैं। जांच पड़ताल की जा रही है।