फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Prayagraj : फर्जी आईएएस और मंत्री का पीएस बताकर दाखिले का दबाव डाल रही महिला गिरफ्तार, मुकदमा दर्ज

Wed, 28 Feb 2024 01:14 PM IST
विनोद सिंह अमर उजला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

पुलिस के मुताबिक, एसीपी सिविल लाइंस श्वेताभ पांडेय व थाना प्रभारी सिविल लाइंस रामाश्रय यादव के सीयूजी नंबर पर एक महिला ने फोन किया। खुद को आईएएस निधि पांडेय और मंत्री आशीष पटेल का निजी सचिव बताते हुए उसने एक बच्चे का सेंट जोसेफ स्कूल एंड कॉलेज में दाखिला कराने के लिए कहा।
विज्ञापन
फर्जी महिला आईएएस अधिकारी गिरफ्तार। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

फर्जी आईएएस और कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल की निजी सचिव बताकर सेंट जोसेफ स्कूल में दाखिला कराने के लिए स्कूल प्रबंधन, पुलिस अफसरों व थानेदार पर दबाव और रौब दिखाने वाली महिला को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने सिविल लाइंस थाने में मुकदमा दर्ज किया है। जांच में पता लगा कि ट्यूशन पढ़ाने वाली महिला ने एक लाख रुपये में एक बच्चे के दाखिला कराने का ठेका ले रखा था।

विज्ञापन


पुलिस के मुताबिक, एसीपी सिविल लाइंस श्वेताभ पांडेय व थाना प्रभारी सिविल लाइंस रामाश्रय यादव के सीयूजी नंबर पर एक महिला ने फोन किया। खुद को आईएएस निधि पांडेय और मंत्री आशीष पटेल का निजी सचिव बताते हुए उसने एक बच्चे का सेंट जोसेफ स्कूल एंड कॉलेज में दाखिला कराने के लिए कहा। उसने बच्चे का ब्योरा ह्वाट्सएप पर भेजा। बाद में, आला अफसराें को फोन व मैसेज भी किए।

सिविल लाइंस इलाके की रहने वाली है महिला

महिला के अंदाज और लगातार दबाव डालने से पुलिस को शक हुआ। उसके बारे में हनुमान मंदिर चौकी प्रभारी दिग्विजय सिंह ने जांच की तो पता चला कि महिला डॉ. नैना सैमुअल पुथराना वसंत बिहार, ड्रमंड रोड थाना सिविल लाइंस (प्रयागराज) की रहने वाली है। बुलाकर पूछताछ की गई तो सारी पोल खुल गई।

पुलिस के मुताबिक, पता चला कि उसने जगमल हाता राजरूपपुर निवासी एक व्यक्ति से एक लाख रुपये में दाखिला कराने का वादा किया था। एसीपी सिविल लाइंस श्वेताभ पांडेय ने बताया कि आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया गया था। देरशाम जमानत पर छोड़ दिया गया।

चार साल पहले पति से हो चुका है अलगाव

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, महिला का अपने पति से चार साल पहले अलगाव हो चुका है। वह सिविल लाइंस में अकेले रहती है। साथ ही ट्यूशन पढ़ाती है। पूछताछ में उसने यह दावा किया कि वह पीएचडी कर चुकी है और इसलिए ही नाम के आगे डॉक्टर लगाती है। पुलिस इसकी भी जांच में जुटी है। आरोपी के खिलाफ एफआईआर हनुमान मंदिर चौकी प्रभारी की ओर से दर्ज कराई गई है।

आईएएस लिखकर बनाई थी फर्जी ईमेल आईडी

आरोपी महिला ने न सिर्फ आईएएस बनकर अफसरों को कॉल व मैसेज किए, बल्कि ईमेल भी किया। खास बात यह कि उसने nidhipandey.ias1970@gmail.com नाम से ईमेल आईडी बनाई थी। इसी आईडी से उसने अफसरों व कॉलेज के फॉदर को बच्चे का विवरण भेजा था। पुलिस का यह भी कहना है कि आरोपी महिला पूर्व में भी इसी तरह कई बच्चों का दाखिला करा चुकी है।
विज्ञापन

पांच साल पहले भी दबोचा गया था मंत्री का फर्जी पीआरओ

मंत्री रहीं स्वाति सिंह का पीआरओ बनकर ठगी करने वाले खीरी निवासी अशोक पांडेय को पांच साल पहले दबोचा जा चुका है। यह प्रकरण भी सिविल लाइंस थाने में ही दर्ज किया गया था। वर्ष 2019 में मंत्री के असली पीआरओ सुमित सिंह ने अशोक पांडेय के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। जिस दिन यह पकड़ा गया था, उस दिन मंत्री स्वाति सिंह खुद शहर में थीं। उनके पास कुछ लोग शिकायत लेकर पहुंचे थे कि एक व्यक्ति उनके नाम पर नौकरी के लिए पैसे मांग रहा है। अशोक पर यह भी आरोप था कि मंत्री से बात कराने के नाम पर वह अपनी पत्नी से बात कराता था।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें