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प्रयागराज : अश्लील हरकत से परेशान महिला कर्मचारी ने आला अफसरों से लगाई गुहार

Sun, 01 May 2022 10:06 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

चकबंदी कार्यालय में कनिष्ठ सहायक पद पर तैनात दो महिला कर्मचारियों के साथ अश्लीलता के मामले को महीने पहले से दबाने की कोशिश की जा रही है। पहले जिस लिपिक ने महिला कर्मियों को बदनाम करने की कोशिश की, उसके खिलाफ पुलिस से की गई शिकायतों को दबाव बनाकर वापस करा दिया गया।
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harassment - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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चकबंदी कार्यालय में महिला कर्मचारियों से अश्लीलता का मामला डीएम-कमिश्नर तक पहुंच गया है। कार्यालय में खुलेआम फब्तियां कसने, गंदे आरोप लगाकर बदनाम करने की शिकायत की अनदेखी का आरोप बंदोबस्त अधिकारी पर लगाया गया है।
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मंडलायुक्त और डीएम से मिलकर महिला कर्मी ने अपनी पीड़ा जाहिर की तो उसे अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी देते हुए कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है। परेशान महिला कर्मियों का कहना है कि अगर उनकी नहीं सुनी गई तो वह न्याय के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ से मिलकर न्याय की गुहार लगाएंगी।


चकबंदी कार्यालय में कनिष्ठ सहायक पद पर तैनात दो महिला कर्मचारियों के साथ अश्लीलता के मामले को महीने पहले से दबाने की कोशिश की जा रही है। पहले जिस लिपिक ने महिला कर्मियों को बदनाम करने की कोशिश की, उसके खिलाफ पुलिस से की गई शिकायतों को दबाव बनाकर वापस करा दिया गया। इसके बाद भी सिलसिला रुका नहीं। कभी व्हाट्सएप पर फोटो डाल कर उपहास उड़ाना तो कभी चरित्र हनन का आरोप लगाकर परेशान किया जाता रहा।
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डीएम से मिलकर की शिकायत, सीएम से शिकायत की चेतावनी
आजिज आकर एक महिला लिपिक ने डीएम और मंडलायुक्त से इस मामले को अवगत कराया है। महिला कर्मी ने मंडलायुक्त को बताया है कि एक कनिष्ठ लिपिक से परेशान होकर वह मानसिक रूप से तनावग्रस्त हो गई हैं। बीते महीनों में निर्वाचन कार्य से एक वरिष्ठ कर्मचारी के साथ मुंडेरा मंडी जाने पर भी उनकी छवि धूमिल करने की कोशिश की गई। इसकी शिकायत कर्नलगंज पुलिस से की गई, लेकिन बंदोबस्त अधिकारी ने दबाव बनवा कर शिकायत वापस करा दी।


इससे महिला कर्मियों के आत्म सम्मान के साथ और भी खुलकर खिलवाड़ किया जा रहा है। विभागीय अफसर दोषियों पर कार्रवाई करने की बजाए महिला कर्मियों को ही धमका रहे हैं। महिला कर्मियों का कहना है कि दफ्तर में उत्पीड़न की आवाज उठाने वालों को विक्षिप्त और मंदबुद्धि करार दे दिया जाता है। इससे पहले भी एक महिला कर्मी को आवाज उठाने पर विक्षिप्त करार देकर निलंबित किया जा चुका है। 
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राज्य महिला आयोग से भी लगाई गुहार
चकबंदी कार्यालय में तैनात महिला कर्मचारी ने इस मामले की शिकायत राज्य महिला आयोग से भी की है। महिला आयोग की सदस्य अनीता सिंह से मिलकर उन्होंने कार्यस्थल पर की जा रही अश्लील हरकत और दुर्व्यवहार से अवगत कराया है। महिला आयोग ने इस मामले की जांच कराकर जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।


महिला लिपिक को अगर किसी तरह की समस्या थी तो सबसे पहले मैं नियुक्ति प्राधिकारी हूं, मुझे अवगत कराना चाहिए था। लेकिन, उन्होंने इस प्रकरण को मुझे संज्ञान में लाए बिना डीएम और मंडलायुक्त तक पहुंचा दिया। जबकि, ऐसा नहीं करना चाहिए था। इस पर उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। -  पुष्कर बाबू, बंदोबस्त अधिकारी, प्रयागराज।
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