एक लाख के इनामी सुपारी किलर नीरज उर्फ अखण्ड प्रताप सिंह को शरण देने एवं उसको दो लोगों की हत्या की सुपारी देने के आरोप में गिरफ्तार पूर्व ब्लाक प्रमुख दिलीप मिश्रा के गनर एवं उसके घर के समीप रहने वाले एक सहयोगी को औद्योगिक क्षेत्र पुलिस ने गुरुवार को दो अलग-अलग मुकदमों में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पकड़े गए दोनों आरोपी पिछले कई दिनों से पुलिस हिरासत में थे। पुलिस का दावा है कि उनसे पूछताछ की जा रही थी। इनके अलावा दो अन्य लोगों को मेजा पुलिस को औद्योगिक पुलिस ने हैंड ओवर कर दिया है।
विकासखंड चाचा के पूर्व प्रमुख एवं सपा नेता दिलीप मिश्रा गत 29 मई को हिरासत में लिया गया था। उस पर नैनी के एक प्रापर्टी डीलर तथा एक अन्य व्यक्ति की हत्या की पांच लाख की सुपारी देने तथा सुल्तानपुर में डबल मर्डर में वांछित सुपारी किलर नीरज सिंह को शरण देने का आरोप लगा। इसके अलावा प्रयागराज के चर्चित डॉ. एके बंसल हत्याकांड में भी पुलिस दिलीप मिश्रा की भूमिका नए सिरे से तय करने में जुटी हुई है। इसी कड़ी में पुलिस ने दिलीप मिश्रा के प्राइवेट सिक्योरिटी गार्ड अर्जुन प्रसाद शुक्ला निवासी तीर मऊ, राजापुर चित्रकूट को भी हिरासत में लिया।
उसके पास से एक डीबीबीएल गन की बरामदगी दिखाई गई है, जो कि लाइसेंसी है। उस पर आर्म्स एक्ट का मुकदमा पंजीकृत कर चालान किया गया है। इसके अलावा दिलीप के घर के समीप रहने वाले अंशु तिवारी को पुलिस ने 315 बोर के तमंचे और एक कारतूस के साथ गिरफ्तार कर चालान किया है। अंशु तिवारी पर आरोप है कि वह दिलीप का सहयोगी है और अपने घर में दिलीप मिश्रा के अवैध असलहों को रखता था। क्षेत्राधिकारी करछना आशुतोष तिवारी ने बताया कि जेल भेजे गए दोनों लोग दिलीप के सहयोगी हैं। दोनों का आर्म्स एक्ट में चालान किया गया है।