कानपुर नगर की अपर्णा कुशवाह की शादी 17 फरवरी 2012 को आशीष सिंह कुशवाह के साथ हुई थी। आरोप है कि उसे दहेज में कार के लिए प्रताड़ित किया जाने लगा। विवाद बढ़ने पर उसने पति से अलग होकर गुजारा भत्ते के लिए अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायाधीश न्यायालय, कानपुर नगर में वाद दायर किया गया।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पुनरीक्षण आवेदन पर सुनवाई करते हुए पति को आदेश दिया कि वह पत्नी और बेटी को गुजारा भत्ते के रूप में 28,500 रुपये दे। भरण-पोषण का भुगतान प्रत्येक माह की 10 तारीख तक नियमित करना होगा। कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले का जिक्र किया, जिसमें पति की आय का 25 फीसदी पत्नी को गुजारा भत्ता देने की बात कही गई है। यह फैसला न्यायमूर्ति सुरेंद्र सिंह प्रथम की कोर्ट ने सुनाया।
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कानपुर नगर की अपर्णा कुशवाह की शादी 17 फरवरी 2012 को आशीष सिंह कुशवाह के साथ हुई थी। आरोप है कि उसे दहेज में कार के लिए प्रताड़ित किया जाने लगा। विवाद बढ़ने पर उसने पति से अलग होकर गुजारा भत्ते के लिए अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायाधीश न्यायालय, कानपुर नगर में वाद दायर किया गया। कोर्ट ने पत्नी को पांच हजार और बेटी को तीन हजार प्रतिमाह गुजारा भत्ता देने का आदेश दिया। अपर्णा ने हाईकोर्ट में गुजारा भत्ता बढ़ाने के लिए पुनरीक्षण का वाद दायर किया।
कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को नजीर माना, जिसमें कहा गया है कि पति की आय का 25 प्रतिशत पत्नी को गुजारा भत्ता मिलना चहिए। इस आधार पर पति की आय का आकलन कर कोर्ट ने पत्नी के लिए 18 हजार और बेटी के लिए गुजारा भत्ता 10 हजार निर्धारित किया।