पुलिस के मुताबिक पति के बाहर रहनेे के दौरान ही पत्नी कविता का हनुमानगंज के रहने वाले युवक सुरेंद्र सिंह से निकटता हो गई थी। सुरेंद्र अपने को सॉफ्टवेयर इंजीनियर बताता है। दोनों के बीच दोस्ती से हुई शुरूआत कब प्रेम में बदल गई, पता ही नहीं चला। दोनों एक-दूसरे के साथ जीने-मरने की कसमें खाने लगे। इसी दौरान कविता ने प्रेमी सुरेंद्र से बोला कि हम दोनों तभी एक हो सकते हैं, जब पति को रास्ते से हटा दिए जाए। इसके लिए प्रेमी सुरेंद्र ने पति सुनील के हत्या की साजिश रच डाली।
इसके लिए बकायदा हनुमानगंज के कुछ बदमाशों को सुपारी दी गई। बतौर एडवांस दो लाख रूपये शूटरों को दे भी दिए गए थे। रविवार की दोपहर में पति सुनील का कत्ल किया जाना था। शूटर भी झूंसी पहुंच चुके थे। इसी बीच उमेश पाल हत्याकांड में शूटरों की तलाश में जुटी गोरखपुर एसटीएफ की टीम को दो दिन पहले इस कत्ल की योजना के बारे में पता चला। असल में सर्विसलांस पर हनुमानगंज के शूटरों का भी नंबर लगाया गया था।
गोरखपुर एसटीएफ ने पूरे मामले की जानकारी लखनऊ एसटीएफ से साझा की। रविवार की सुबह कत्ल से कुछ घंटे पहले लखनऊ एसटीएफ और झूंसी पुलिस की संयुक्त टीम ने आरोपी पत्नी कविता तथा प्रेमी सुरेंद्र को दबोच लिया। पुलिस की सजगता से पति की जान बचाई जा सकी। उधर, पत्नी के साजिश की जानकारी मिलने से पति सुनील सकते में था। इंस्पेक्टर झूंसी वैभव सिंह ने बताया कि पकड़ी गई महिला और उसके प्रेमी से पूछताछ की जा रही है।
दोपहर तीन बजे किया जाना था कत्ल
होली पर्व पर गाजियाबाद से आए पति सुनील को रविवार की शाम वापस जाना था। वह अपने सामान की पैकिंग कर जाने की तैयारी में था। घर से निकलकर स्टेशन जाते वक्त रास्ते में उसके कत्ल की योजना थी। हॉयर किए गए शूटर भी झूंसी पहुंच गए थे। इसी बीच लखनऊ एसटीएफ और झूंसी पुलिस ने शूटरों की तलाश में जाल बिछा दिया था। हालांकि पकड़े जाने से पहले शूटर सतर्क हो गए और मोबाइल बंदकर फरार हो गए। पुलिस ने पति के खिलाफ हत्या की साजिश रचने वाली पत्नी और प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया। उनसे देर रात तक पूछताछ की जा रही थी।