मिर्जापुर के घंटाघर चौराहे पर 2012 में बिना किसी पूर्व अनुमति के भीड़ जुटाकर नारेबाजी और हंगामा करने का मुकदमा प्रभारी निरीक्षक कोतवाली शहर के द्वारा दर्ज कराया गया था।
स्पेशल कोर्ट एमपी एमएलए ने सपा सरकार में पूर्व राज्य मंत्री रहे कैलाश चौरसिया और उनके समर्थकों के खिलाफ वारंट जारी किया है। अदालत ने पूर्व मंत्री को उपस्थित रहने के लिए अंतिम अवसर दिया था। उनके उपस्थित न होने पर वारंट जारी किया है। मामले की अगली सुनवाई 22 नवंबर को होगी। यह आदेश स्पेशल कोर्ट के जज आलोक कुमार श्रीवास्तव ने दिया है।
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प्रकरण जनपद मिर्जापुर के कोतवाली का है। प्रभारी निरीक्षक कोतवाली ने 28 जनवरी 2012 को पूर्व मंत्री और उनके 6 समर्थकों के विरुद्ध नामजद और 1000 समर्थकों के खिलाफ अज्ञात में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पूर्व मंत्री और समर्थकों पर आरोप है कि अपने समर्थकों के साथ झंडा लहराते हुए घंटाघर चौराहे पर सार्वजनिक सड़क जाम कर नारेबाजी की थी, जबकि प्रशासन ने उन्हें 3 गाड़ियों की ही अनुमति दी थी।
प्रकरण में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मिर्जापुर ने 5 सितंबर 2014 को आरोप तय कर दिए थे। पत्रावली स्पेशल कोर्ट में सुनवाई के लिए साक्ष्य में लंबित है। कोर्ट ने पूर्व राज्य मंत्री और उनके समर्थकों को अदालत में उपस्थित रहने के लिए अंतिम अवसर दिया था। उपस्थित न होने पर पूर्व मंत्री कैलाश चौरसिया, प्रकाश चौरसिया, डॉक्टर अरविंद श्रीवास्तव, जवाहर मौर्य, मुन्नी यादव, जहीर सेंट वाले के खिलाफ वारंट जारी किया है।