पोर्टल के माध्यम से हाजिरी लेने के लिए अधिकृत किए गए ग्राम रोजगार सेवक विनीत कुमार व मनरेगा मेठ पूनम का नाम भी पोर्टल पर नहीं चढ़ा। इससे मजदूरी करने के बावजूद मजदूरों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं हो पा रही है।
गांव के मनरेगा रजिस्टर में दर्ज करीब 780 जॉबकार्ड धारकों को काम मांगने के बावजूद गांव में रोजगार नहीं मिल पा रहा है। इससे मनरेगा अधिनियम के तहत मजदूरों को सौ दिन का रोजागर देने के अभियान को पलीता लग रहा है। प्रधान दीपक कुमार ने समस्या को लेकर बीडीओ मांडा अमित मिश्रा से कई बार शिकायत की, लेकिन बीते आठ माह से समस्या का निवारण नहीं हो पा रहा है।
बीडीओ मांडा अमित मिश्रा ने बताया कि पोर्टल की तकनीकी खामी दुरुस्त कराए जाने को लेकर जिला स्तर के अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है। डीसी मनरेगा कपिल कुमार ने बताया कि अभी तक मामला उनके संज्ञान में नहीं था। बीडीओ मांडा से समन्वय बनाकर जल्द तकनीकी खामी को दूर किया जाएगा।
पोर्टल की खामी दुरुस्त कराने के लिए उठी आवाज
मनरेगा में काम न मिलने से क्षेत्र का विकास कार्य बाधित हो रहा है। प्रधान सहित मनरेगा मजदूरों ने आलाधिकारियों से मनरेगा पोर्टल की तकनीकी खामी को दुरुस्त कराकर जॉब कार्ड धारकों को काम दिलवाने की मांग की है।