Prayagraj News : उमेश हत्याकांड का शूटर, जिसे पुलिस विजय चौधरी उर्फ उस्मान बता रही है।
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कौंधियारा थाना क्षेत्र में सोमवार को एनकाउंटर में मारे गए विजय चौधरी उर्फ उस्मान ने ही उमेश पाल और उनके गनर संदीप निषाद को पहली गोली मारी थी। पुलिस का दावा है कि वह सीसीटीवी में भी नजर आया था। पुलिस उसकी खोजबीन में लगी थी। घटना को अंजाम देने के बाद वह मध्य प्रदेश भाग गया था। उसके जब गांव आने की सूचना पुलिस को मिली तो गांव में ही उसे घेर लिया गया। जवाबी कार्रवाई में उसे मार गिराया गया।
कौंधियारा, खीरी और शंकरगढ़ थानों की फोर्स ने विजय को गोठी गांव में घेर लिया, तो उसने फायरिंग शुरू कर दी। एक सिपाही को भी गोली लग गई। जवाबी फायरिंग में विजय चौधरी को दो गोलियां लगीं। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मारा गया शूटर 50 हजार रुपये का इनामी था।
Prayagraj News : कौंधियारा में इसी स्थान पर हुआ था एनकाउंटर।
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एडीजी प्रशांत कुमार के मुताबिक सोमवार तड़के पुलिस को सूचना मिली कि उमेश पाल हत्याकांड में शामिल शूटर विजय चौधरी उर्फ उस्मान कौंधियारा के गोठी क्षेत्र में है। सूचना पर शंकरगढ़, कौंधियारा और खीरी थानों की फोर्स वहां पहुंची और विजय को घेर लिया। पुलिस अफसरों के मुताबिक पुलिस को देखते ही विजय उर्फ उस्मान ने पिस्टल से फायरिंग शुरू कर दी। सिपाही नरेंद्र की बांह में गोली लगी तो पुलिस वालों ने भी फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी फायरिंग में विजय को गोली लगी और गिर पड़ा।
Prayagraj News : विजय के एनकाउंटर के बाद बिलखते परिजन।
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पुलिस उसे लेकर तुरंत एसआरएन अस्पताल पहुंची। जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस कमिश्नर रमित शर्मा, एडीसीपी आकाश कुलहरि और डीसीपी यमुनापार संतोष कुमार मीणा समेत तमाम अफसर मौके पर पहुंच गए। लखनऊ में आला अधिकारियों को फोन कर पूरी जानकारी दी गई। विजय उर्फ उस्मान के पास से एक 32 बोर की पिस्टल और कुछ कारतूस बरामद हुए हैं।
उधर, लखनऊ में एडीजी प्रशांत कुमार ने बताया कि उस्मान सीसीटीवी फुटेज में उमेश पाल और सिपाही संदीप को गोली मारते हुए दिख रहा था। उसकी खोजबीन की जा रही थी। जांच में यह भी पता चला है कि अतीक अहमद ने ही विजय चौधरी को उस्मान बनाया था। कौंधियारा के भागोकर गांव निवासी विजय चौधरी उर्फ उस्मान का नाम पुलिस ने अब तक खोला नहीं था। हालांकि उसकी खोजबीन की जा रही थी। उस पर 50 हजार का इनाम भी घोषित किया गया था।