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अभ्यर्थियों ने कहा- युवा आंदोलन की जीत, दोषियाें के खिलाफ हो सख्त कार्रवाई

Sun, 03 Mar 2024 03:01 PM IST
विनोद सिंह अमर उजला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

परीक्षा निरस्त होने की पहली आधिकारिक सूचना मुख्यमंत्री के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आई। धरना स्थल पर बैठे अभ्यर्थियों के मोबाइल फोन की घंटी बजने लगी और अभ्यर्थी खुशी से झूम उठे।
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यूपीपीएससी गेट पर प्रदर्शन करते अभ्यर्थी। सांकेतिक चित्र - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आरओ/एआरओ प्रारंभिक परीक्षा निरस्त होने की घोषणा के बाद परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों ने कहा कि आखिर युवा आंदोलन की जीत हुई। अभ्यर्थियों के चेहरे पर सुकून दिखा और डेलीगेसी में खुशी का माहौल दिखा।

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परीक्षा निरस्त होने की पहली आधिकारिक सूचना मुख्यमंत्री के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आई। धरना स्थल पर बैठे अभ्यर्थियों के मोबाइल फोन की घंटी बजने लगी और अभ्यर्थी खुशी से झूम उठे। सलोरी, बाघाड़ा, अल्लापुर, राजापुर, मम्फोर्डगंज, कटरा, तेलियरगंज, गोविंदपुर डेलीगेसी में चाय की दुकानों पर अभ्यर्थियों का जमावड़ा लग गया और उन्होंने राहत की सांस ली।

अभ्यर्थियाें ने कहा कि यह परीक्षा तो आयोग को पहले ही अपने स्तर से पहले निरस्त कर देनी चाहिए थी। साक्ष्य सामने थे और अभ्यर्थियों ने हलफनामे के साथ साक्ष्य उपलब्ध कराए थे। ऐसे में परीक्षा पर निर्णय लेने में हो रही देरी के पीछे कोई वजह नहीं रह गई थी। इस बात के साक्ष्य पहले से उपलब्ध थे कि पेपर लीक हो गया है। जांच का विषय तो यह है कि पेपर लीक कहां से हुआ।

छात्र नेता आदर्श सिंह भदौरिया, अजय यादव सम्राट, अनिल सिंह आदि ने कहा कि परीक्षा निरस्त होना अभ्यर्थियों के संघर्ष की विजय है। प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के अध्यक्ष अवनीश पांडेय और मीडिया प्रभारी प्रशांत पांडेय ने कहा कि पेपर लीक रोकने के लिए सरकार को सख्त निर्णय लेने चाहिए। केवल सरकारी स्कूल या प्रतिष्ठित स्कूल ही परीक्षा केंद्र बनाए जाएं और केंद्र से पेपर लीक होने पर स्थानीय प्रशासन की जिम्मेदारी भी तय की जाए।
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पेपर लीक की सीबीआई जांच पर जोर

पूर्व आईपीएस अधिकारी एवं आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने आरोप लगाया है कि आरओ एआरओ परीक्षा निरस्त किया जाना पूर्णतया आधी-अधूरी कार्रवाई और दोषियों को बचाने का प्रयास है। उनका आरोप है कि इस प्रकरण में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग सहित तमाम लोगों संलिप्तता है। ऐसे में आजाद अधिकार सेना को इस मामले में सीबीआई जांच से कम कुछ भी स्वीकार नहीं है।
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