अभ्यर्थियों से वसूलते हैं मोटी रकम
एसटीएफ के मुताबिक, गिरफ्तार अभियुक्त अजय ने बताया कि उसका एक गिरोह है, जो प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल कराने एवं सॉल्वर बैठाने का काम करता है। इस गिरोह में राजन यादव निवासी फाजिलपुर पोस्ट बाबूगंज थाना फूलपुर व सुशील भारती निवासी मनेथू थाना थरवई भी शामिल हैं। बताया कि परीक्षा से पहले पेपर उपलब्ध कराने के लिए अभ्यर्थियों से मोटी रकम वसूली जाती है। रुपये इकट्ठा करके सक्रिय गिरोहों के माध्यम से प्रश्नपत्र प्राप्त करके उन्हें अभ्यर्थियों को उपलब्ध कराया जाता है।
राजन ने आउट कराया था पेपर
पूछताछ में आरोपियों ने एक और अहम खुलासा किया। बताया कि 17 व 18 फरवरी को हुई सिपाही भर्ती परीक्षा में गिरोह के राजन यादव ने किसी गिरोह के जरिये प्रश्नपत्र आउट कराया था। साथ ही इसकी उत्तरकुंजी कई अभ्यर्थियों को उपलब्ध कराई थी। गिरफ्तार दोनों अभ्यर्थियों के खिलाफ थाना विभूतिखंड लखनऊ में मुकदमा दर्ज कराया गया है। साथ ही उन्हें जेल भी भेज दिया गया है।
कौशाम्बी समेत आसपास के जनपदों के अभ्यर्थियों से वसूली थी रकम
पुलिस सूत्राें के मुताबिक, पूछताछ में आरोपियों ने बताया है कि सिपाही भर्ती परीक्षा का पेपर लीक कराने के लिए उन्होंने लगभग एक दर्जन अभ्यर्थियों से रकम वसूली थी। उनके पास से कुल नौ एडमिट कार्ड मिले हैं जो प्रयागराज के साथ ही कौशाम्बी व आसपास के अन्य जनपदों के अभ्यर्थियों के थे।
सोनू पर पहले से दर्ज है केस, अजय करता है तैयारी
फूलपुर। पेपर लीक मामले में गिरफ्तार सोनू तीन भाइयों में सबसे बड़ा है। उसके विरुद्ध 2020 में एससी-एसटी एक्ट के तहत फूलपुर थाने में मुकदमा पंजीकृत हो चुका है। दूसरा आरोपी अजय दो भाइयों में दूसरे नंबर का है। पिता मुंबई में ऑटो चलाते हैं। वह शहर में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करता है।