प्रश्नपत्र 200 अंकों का होगा और हर प्रश्न के लिए एक अंक निर्धारित होगा। अभ्यर्थियों को प्रश्नपत्र हल करने के लिए तीन घंटे का वक्त मिलेगा।बदलाव से पहले भी परीक्षा 200 अंकों की होती थी, लेकिन लेकिन दो सत्रों में दो अलग-अलग प्रश्नपत्रों की परीक्षा होती थी। दोनों ही प्रश्नपत्र वस्तुनिष्ठ प्रकार के थे। पहला पेपर सामान्य अध्ययन का 140 अंकों का था, जिसे हल करने के लिए दो घंटे का वक्त मिलता था। इसमें 140 प्रश्न शामिल होते थे। दूसरा पेपर सामान्य हिंदी का होता था, जिसमें सामान्य शब्द ज्ञान एवं व्याकरण से संबंधित 60 प्रश्न पूछे जाते थे।
दूसरा प्रश्नपत्र 60 अंकों का होता था और इसे हल करने के लिए एक घंटे का वक्त मिलता था। पहले यह परीक्षा दो सत्रों में परीक्षा सुबह 9:30 से 11:30 बजे और अपराह्न 2:30 से 3:30 बजे तक होती थी। ऐसे में अभ्यर्थियों को दूसरे सत्र की परीक्षा के विषय सामान्य हिंदी के रिवीजन के लिए तीन घंटे का वक्त मिल जाता था, लेकिन अब दोनों प्रश्नपत्रों की परीक्षा एक साथ होने से रिवीजन का मौका नहीं मिल सकेगा।
प्रश्नपत्रों की सुरक्षा व निगरानी होगी आसान
आरओ/एआरओ के 411 पदों पर भर्ती के लिए रिकाॅर्ड संख्या में 10,76,004 अभ्यर्थियों ने आवेदन किए हैं। इन सभी की एक ही पाली में परीक्षा कराने से अब प्रश्नपत्रों की सुरक्षा भी आसान होगी। आयोग और प्रशासनिक तंत्र को प्रश्नपत्रों की सुरक्षा व निगरानी के लिए दो की जगह केवल एक सत्र में आवश्यक व्यवस्थाएं करनी होंगी। 11 फरवरी 2024 को हुई आरओ/एआरओ प्रारंभिक परीक्षा-2023 में दोनों पालियों की परीक्षा में सामान्य अध्ययन एवं हिंदी के पेपर लीक होने के मामले सामने आए थे।