फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Prayagraj: हर 14 घंटे में सड़क हादसे में जा रही जान, प्रयागराज में पिछले 14 माह में 693 ने हादसों में तोड़ा दम

Fri, 21 Mar 2025 12:09 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

शहर में सड़क सुरक्षा को लेकर किए जा रहे वादे खोखले साबित हो रहे हैं। हाईवे, राजमार्गों से लेकर ग्रामीण मार्ग तक वाहन चालक सुरक्षित नहीं हैं। यही वजह है कि हर 14 घंटे में एक लोग की सड़क हादसे में जान जा रही है।
विज्ञापन
Accident - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

शहर में सड़क सुरक्षा को लेकर किए जा रहे वादे खोखले साबित हो रहे हैं। हाईवे, राजमार्गों से लेकर ग्रामीण मार्ग तक वाहन चालक सुरक्षित नहीं हैं। यही वजह है कि हर 14 घंटे में एक लोग की सड़क हादसे में जान जा रही है। आंकड़े बताते हैं कि पिछले 14 माह में कुल 693 लोगों ने सड़क दुघर्टना में जान गंवा दी है।

विज्ञापन


प्रदेश में सर्वाधिक सड़क दुर्घटना मृत्यु वाले जिलों में प्रयागराज दूसरे स्थान पर है। यहां पर पिछले पांच सालों में कुल 2784 लोगों की मौत हुई है। वहीं, यातायात पुलिस के मुताबिक, जनवरी से दिसंबर 2024 तक शहर के विभिन्न इलाकों में कुल 547 लोगों की सड़क हादसे में जान गई है। वहीं, इस वर्ष 2025 में जनवरी में 51 और फरवरी में 95 मौतें हुई हैं। बता दें कि यातायात पुलिस और परिवहन विभाग आए दिन शहर में सड़क सुरक्षा को लेकर अभियान चलाता है। इसमें स्कूल, चौराहे, कॉलेज समेत अन्य जगहों पर लोगों को यातायात नियमों को लेकर जागरूक किया जाता है। बावजूद इसके हादसों पर लगाम नहीं लग पा रहा है।

विज्ञापन

महाकुंभ मेले के दौरान सबसे अधिक मौतें

आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी 2024 में 35 और फरवरी 2024 में 40 यानी दोनों माह में कुल 75 मौत हुई थी। लेकिन, इस वर्ष जनवरी में आंकड़ा बढ़कर 51 और फरवरी में 95 पहुंच गया, यानी दोनों ही माह में कुल 146 लोगों ने जान गंवाई है। वहीं, यातायात पुलिस के अफसरों ने बताया कि महाकुंभ मेले के चलते बीते वर्ष के मुकाबले इस बार मौत का आंकड़ा अधिक हो गया।

तेज रफ्तार व गलत दिशा से चलने वाले वाहन ले रहे जान

यातायात पुलिस के अनुसार, मृतकों में महिलाओं के मुकाबले पुरुषों की संख्या अधिक है। हादसों का कारण सबसे ज्यादा तेज रफ्तार, गलत दिशा से वाहन चलाना, मोबाइल पर बात करने के अलावा अन्य कई वजहों से हादसा हुआ है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें