यूपीपीएससी परीक्षा में हुए बदलाव
- फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने सीधी भर्ती में बड़ा बदलाव किया है। विशिष्ट योग्यता वाले पदों को छोड़कर बाकी सभी प्रकार के पदों पर होने वाली सीधी भर्ती में स्क्रीनिंग परीक्षा अनिवार्य कर दी गई है। इससे पहले एकेडेमिक मेरिट के आधार पर चयन होता था, जिसमें कई योग्य अभ्यर्थी इंटरव्यू में शामिल होने से वंचित रह जाते थे लेकिन अब सीधी भर्ती के लिए आवेदन करने वाले सभी अभ्यर्थियों को स्क्रीनिंग परीक्षा के माध्यम से अपनी योग्यता साबित करनी होगी।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की बैठक में हुए इस महत्वपूर्ण निर्णय से सीधी भर्ती में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। अब तक स्क्रीनिंग परीक्षा केवल उन्हीं सीधी भर्तियों में कराई जाती थीं, जहां पदों की संख्या 50 या इससे अधिक होती थी और इसके लिए 20 गुना या इससे अधिक आवेदन आते थे। बाकी सीधी भर्तियों में आठ गुना अभ्यर्थियों को एकेडेमिक मेरिट के आधार पर सीधे इंटरव्यू के लिए बुला लिया जाता था लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। इस बदलाव के पीछे प्रमुख वजह यही मानी जा रही है कि प्राइवेट शिक्षण संस्थानों में अभ्यर्थियों को अधिक अंक मिल जाते हैं जबकि सरकारी शिक्षण संस्थानों में कम अंक मिलते हैं।
ऐसे में जब एकेडेमिक मेरिट के आधार पर अभ्यर्थियों को सीधी भर्ती के लिए इंटरव्यू में आमंत्रित किया जाता है तो निजी शिक्षण संस्थानों के अभ्यर्थियों को इसका फायदा मिल जाता है। इसी असमानता को दूर करने के उद्देश्य से आयोग ने सीधी भर्ती में स्क्रीनिंग परीक्षा अनिवार्य करने का निर्णय लिया है ताकि योग्य अभ्यर्थी चयन से वंचित न हों। सीधी भर्ती के नए विज्ञापन से यह व्यवस्था लागू कर दी जाएगी। नई व्यवस्था में पदों और आवेदनों की संख्या नहीं देखी जाएगी। आवेदन करने वाले सभी अभ्यर्थियों को स्क्रीनिंग परीक्षा देनी होगी। इसमें सफल अभ्यर्थियों को ही इंटरव्यू में शमिल होने का मौका मिलेगा।
प्रोफेसर, प्राचार्य जैसे पदों पर सीधे इंटरव्यू से भर्ती
विशिष्ट योग्यता वाले मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य जैसे पदों पर सीधी भर्ती के लिए स्क्रीनिंग परीक्षा नहीं कराई जाएगी। ऐसे पदों पर पूर्व की भांति ही सीधी भर्ती होगी। यानी सीधे इंटरव्यू के माध्यम से विशिष्ट योग्यता वाले पद भरे जाएंगे।
‘योग्य अभ्यर्थी चयन से वंचित न हों, इसलिए विशिष्ट योग्यता वाले पदों को छोड़कर बाकी सभी प्रकार के पदों पर सीधी भर्ती के लिए स्क्रीनिंग परीक्षा अनिवार्य की गई है। नए विज्ञापनों से यह व्यवस्था लागू होगी।’
जगदीश, सचिव, उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग