जो पद रिक्त रह गए हैं, उनमें सम्मिलित विस्तार सेवा अधिकारी श्रेणी-2 का एक पद, श्रम प्रवर्तन अधिकारी का एक, जिला उद्यान अधिकारी श्रेणी-2 ग्रेड-1 के दो पद, लेखा एवं संप्रेक्षा अधिकारी के छह पद, विधि अधिकारी लोक निर्माण विभाग के चार, ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक का एक, पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी के दो और खाद्य सुरक्षा अधिकारी के दो पद शामिल हैं। खाली रह गए इन पदों को अग्रेनीत कर दिया गया है, ताकि पीसीएस के अगले विज्ञापन में इन्हें शामिल किया जा सके। आयोग ने पीसीएस-2019 की मुख्य परीक्षा का परिणाम पिछले साल 24 दिसंबर को घोषित किया था।
इसमें 811 अभ्यर्थियों को इंटरव्यू में शामिल होने के लिए सफल घोषित किया गया था। साक्षात्कार इस साल इस साल 28 जनवरी से चार फरवरी तक हुआ था। इंटरव्यू में केवल तीन अभ्यर्थी अनुपस्थित थे। आयोग के सचिव जगदीश के अनुसार अंतिम रूप से सफल घोषित जिन अभ्यर्थियों के नाम के आगे प्रोविजनल शब्द अंकित हैं, उन्हें निर्धारित समय में वांछित अभिलेख आयोग में प्रस्तुत करने होंगे, अन्यथा उनका चयन/अभ्यर्थन निरस्त कर दिया जाएगा। चयन परिणाम उत्तर प्रदेश राज्य सरकार की ओर से उच्च न्यायालय में दाखिल विशेष अपील पर न्यायालय द्वारा पारित होने वाले अंतिम निर्णय के अधीन रहेगा। परीक्षा परिणाम संबंधी प्राप्तांक और श्रेणीवार/पदवार कटऑफ अंक की सूचनाएं जल्द ही आयोग की वेबसाइट पर प्रदर्शित की जाएंगी।