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यूपीपीएससीः हमेशा विवादों में रही एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती

Mon, 03 Jun 2019 09:44 PM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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शिक्षक - फोटो : demo
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राजकीय इंटर कॉलेजों के लिए पहली बार लिखित परीक्षा के आधार पर हो रही एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती पूर्व में लगातार विवादों में रही है। एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती 2016 से पहले मंडल स्तर पर संयुक्त शिक्षा निदेशकों के जिम्मे थी, यह भर्ती एकेडमिक रिकार्ड के आधार पर होती रही है। ऐसे में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने फर्जीवाड़ा करके अधिक मेरिट वाले प्रमाण पत्र लगाकर नौकरी हासिल कर लिया था। 2014-15 में राजकीय इंटर कॉलेजों के लिए मांगी गई 6645 एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती में चयन के बाद मात्र 2400 अभ्यर्थी ही नौकरी ज्वाइन करने पहुंचे। चार हजार से अधिक अभ्यर्थी पकड़े जाने के डर से ज्वाइनिंग करने नहीं पहुंचे।
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राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती हाई स्कूल, इंटरमीडिएट, स्नातक एवं बीएड की मेरिट के आधार पर किया जाता रहा है। मेरिट से चयन और ज्वाइनिंग से पहले प्रमाण पत्रों के सत्यापन की कोई व्यवस्था नहीं होने के चलते फर्जीवाड़ा करने वालों ने प्रमाण पत्रों में हेराफेरी करके नौकरी हासिल कर लिया। 2014-15 में अकेले इलाहाबाद मंडल में ही बड़ी संख्या में फर्जी प्रमाण पत्र के जरिए नौकरी हासिल करने वालों की संख्या बड़ी थी।

संयुक्त शिक्षा निदेशक के कार्यालय में नियुक्ति पत्र जारी किए जाते समय आवेदन करते समय कुछ और नियुक्ति पत्र के समय कुछ प्रमाण पत्र दिखाए जाने पर विभाग ने अभ्यर्थियों का फर्जीवाड़ा पकड़ लिया, एक अभ्यर्थी की जांच में मामला खुलने के बाद लगभग चार हजार अभ्यर्थी नियुक्ति पत्र लेने नहीं पहुंचे। फर्जी प्रमाण पत्र तैयार करने वालों ने मणिपुर, अरूणांचल प्रदेश, केरल, तमिलनाडु सहित कई दूसरे राज्यों से दसवीं, बारहवीं और स्नातक के प्रमाण पत्र हासिल करके नौकरी हासिल करने की कोशिश की थी। प्रमाणपत्रों की जांच कराने पर फर्जीवाड़ा सामने आने पर नियुक्ति प्रक्त्रिस्या रोक दी गई थी। 
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राजकीय इंटर कॉलेजों को चालू सत्र में नहीं मिलेंगे शिक्षक
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती को लेकर बने गतिरोध को देखते हुए राजकीय इंटर कॉलेजों को चालू शैक्षिक सत्र में भी शिक्षकों का मिलना मुश्किल है। राजकीय विद्यालयों के लिए एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती, इससे पहले मंडल स्तर पर संयुक्त शिक्षा निदेशकों के जिम्मे थी। नई व्यवस्था में लोक सेवा आयोग को एलटी ग्रेड शिक्षकों की भर्ती का जिम्मा दिया गया परंतु 2016-17 के पदों पर अभी तक नियुक्ति नहीं हो सकी है। आयोग में प्रश्नपत्र आउट होने सहित अन्य आरोप सामने आने के बाद खाली पदों पर चालू शैक्षिक सत्र में नियुक्ति करना आसान नहीं होगा।

13 हजार से अधिक एलटी ग्रेड शिक्षकों के पद खाली
उत्तर प्रदेश राजकीय शिक्षक संघ के प्रदेश महामंत्री डॉ. रविभूषण ने बताया कि प्रदेश के दसवीं तक के 1600 राजकीयविद्यालय एवं 12 वीं तक के 750 राजकीय विद्यालय हैं। लोक सेवा आयोग की ओर से बार 2016-17 में लगभग 11 हजार पदों की घोषणा हुई थी, यह पद अभी तक नहीं भरे जा सके हैं। इससे पहले संयुक्त शिक्षा निदेशकों की भर्ती में 2014-15 में चार हजार पद खाली रह गए थे। 2018 में 650 शिक्षक और 2019 में 450 शिक्षक रिटायर हो गए। इस प्रकार राजकीय कॉलेजों में इस समय 13 हजार से अधिक पद खाली हैं। उन्होंने बताया कि नए खुले राजकीय विद्यालयों में दूसरे विद्यालयों के शिक्षकों को अर्टच करके काम चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नए शैक्षिक सत्र में शिक्षकों के नहीं मिलने पर समस्या बढ़ सकती है।
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