अभ्यर्थियों का दावा है कि अपर निजी सचिव पद की सेवा नियमावली में निर्धारित न्यूनतम अनिवार्य शैक्षिक अर्हता के अनुसार अभ्यर्थी की हिंदी शॉर्टहैंड में 80 शब्द प्रति मिनट और हिंदी टाइपिंग में 25 शब्द प्रति मिनट की न्यूनतम गति होना आवश्यक है।
अपर निजी सचिव (एपीएस) भर्ती-2023 के तहत नौ अप्रैल से प्रस्तावित द्वितीय चरण की परीक्षा को स्थगित किए जाने का अभ्यर्थियों ने विरोध किया है। उन्हाेंने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की मंशा पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाए हैं कि आयोग में कार्यरत कुछ लोगों के नजदीकी अभ्यर्थियों को हिंदी शॉर्टहैंड एवं टाइपिंग का ज्ञान नहीं है। उनको इस विधा की तैयारी करने के लिए परीक्षा को टाला गया है।
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अभ्यर्थियों का दावा है कि अपर निजी सचिव पद की सेवा नियमावली में निर्धारित न्यूनतम अनिवार्य शैक्षिक अर्हता के अनुसार अभ्यर्थी की हिंदी शॉर्टहैंड में 80 शब्द प्रति मिनट और हिंदी टाइपिंग में 25 शब्द प्रति मिनट की न्यूनतम गति होना आवश्यक है। आयोग की कार्य प्रक्रिया नियमावली, 2011 में प्रावधान है कि पद की सेवा नियमावली के प्रावधानों के अनुसार ही अभ्यर्थियों से आवेदन पत्र आमंत्रित किए जाएंगे।
अभ्यर्थियों का आरोप है कि आयोग ने जानबूझकर आवेदन पत्र के साथ हिंदी शॉर्टहैंड और टाइपिंग का प्रमाण पत्र लगाने की अनिवार्यता सुनिश्चित नहीं की, जिससे इस विधा का ज्ञान न रखने वाले बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने आवेदन कर दिए और प्रथम चरण की परीक्षा में पास भी हो गए। आयोग ने आवेदन पत्र जमा होने की अंतिम तारीख समाप्त होने के डेढ़ महीने के अंदर प्रथम चरण की परीक्षा करवा ली थी।
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द्वितीय चरण की परीक्ष में अपने नजदीकी अभ्यर्थियों को शॉर्टहैंड एवं टाइपिंग सीखने के लिए अतिरिक्त समय देने के उद्देश्य से नौ अप्रैल को प्रस्तावित परीक्षा स्थगित कर दी। ऐसे अपात्र अभ्यर्थी इस विद्या में निर्धारित गति नहीं ला पाए हैं। इससे पूर्व एपी भर्ती-2010 और 2013 में परीक्षावार आवेदन पत्र नहीं मांगे गए थे, लेकिन इस बार परीक्षा में अनावश्यक विलंब करने के उद्देश्य से दोबारा आवेदन पत्र मांगे गए हैं।