अभ्यर्थियों का कहना है कि अब अंतिम चयन परिणाम आने तक यह मालूम नहीं होता कि उन्होंने जिन प्रश्नों पर आपत्ति दर्ज कराई थी, उन्हें संशोधित किया गया या नहीं। अभ्यर्थियों ने इस मसले पर पूर्व में जब आयोग में ज्ञापन सौंपा तो उन्हें कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। ऐसे में प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के मीडिया प्रभारी प्रशांत पांडेय ने रविवार को मुख्यमंत्री को पत्र भेजा।
हाई पॉवर कमेटी में छात्र प्रतिनिधियों को शामिल करे आयोग
स्केलिंग के मुद्दे पर उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर से गठित हाई पॉवर कमेटी में छात्र प्रतिनिधियों को भी शामिल करने की मांग की गई है। युवा मंच के संयोजक राजेश सचान ने आयोग पर छात्रों को गुमराह करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि हाई पॉवर कमेटी में छात्र प्रतिनिधियों की भागीदारी इसलिए जरूरी है, क्योंकि आयोग लगातार इस बात पर जोर दे रहा है कि पीसीएस में स्केलिंग की व्यवस्था लागू है और कमेटी के गठन का मुख्य उद्देश्य इसे लेकर छात्रों के भ्रम को दूर करना है।