उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की परीक्षाओं की सीबीआई जांच में तेजी लाने की मांग को लेकर प्रतियोगी छात्र सोशल मीडिया पर अभियान चलाने जा रहे हैं। इसके तहत प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति भाजपा के उन वरिष्ठ नेताओं के वीडियो को हर एक दिन के अंतराल पर जारी करेगी, जिन्होंने यूपीपीएससी की परीक्षाओं में भ्रष्टाचार के खिलाफ सीबीआई जांच के संबंध में सकारात्मक बयान दिए थे।
प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के मीडिया प्रभारी प्रशांत पांडेय के अनुसार वीडियो के माध्यम से सरकार और भाजपा को याद दिलाने की कोशिश की जाएगी कि जब वे सत्ता में नहीं थे तो छात्रों का समर्थन जुटाने के लिए किस प्रकार आयोग में भ्रष्टाचार के मुद्दे पर छात्रों के आंदोलन का समर्थन करते रहे और सरकार बनने के बाद सीबीआई जांच का आदेश तो कर दिया लेकिन जांच के 1085 दिनों के बाद भी निष्कर्ष लगभग शून्य है।
जांच के दौरान अब तक गलत तरीके से चयनित या चयन कराने वाले अथवा किसी दलाल की गिरफ्तारी नहीं हुई। गिरफ्तारी तो दूर, सिकी को नामजद भी नहीं किया गया। सिर्फ एक मुकदमा दर्ज किया गया और वह भी आयोग के अज्ञात अफसरों एवं बाहरी अज्ञात लोगों के खिलाफ है। समिति के मीडिया प्रभारी ने सवाल उठाए हैं कि आखिर सीबीआई किसके दबाव हैं और किसे बचाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
जांच के नाम पर लाखों छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। नेताओं ने छात्राओं से क्या वादा किया था, उन्हें यह याद दिलाने के लिए समिति के अध्यक्ष अवनीश पांडेय की ओर से हर एक दिन के अंतराल पर नेताओं के बयान के वीडियो जारी किए जाएंगे।