हालांकि अनंतिम उत्तर कुंजी जारी किए जाने में भी व्यापक पैमाने पर गलतियां की गईं थीं और आयोग को कई विषयों की संशोधित उत्तर कुंजी जारी करनी पड़ी थी। इसके बाद आपत्तियों का निस्तारण किया गया और फिर आयोग ने अंतिम उत्तर कुंजी जारी की। पहले वाणिज्य और हिंदी विषय की अंतिम उत्तर कुंजी को लेकर विवाद हुआ और अब गणित विषय की अंतिम उत्तर कुंजी सवालों के घेरे में हैं।
आयोग ने गणित की उत्तर कुंजी से 20 प्रश्न हटाए हैं। इनमें गणित विषय के 19 सवाल और सामान्य ज्ञान का एक सवाल डिलीट गया गया है। अभ्यर्थियों का कहना है कि गणित विषय से कुल 70 सवाल और सामान्य ज्ञान के 30 सवाल पूछे गए थे।
अगर 70 में 19 सवाल (27 फीसदी) डिलीट कर दिए गए तो विषय के अभ्यर्थियों का चयन मुख्य रूप से तो सामान्य ज्ञान पर ही आधारित हो जाएगा, जबकि चयनित अभ्यर्थियों को महाविद्यालय में गणित विषय पढ़ाना होगा। अभ्यर्थी सवाल उठा रहे हैं कि आयोग ने आखिर किन विशेषज्ञों से प्रश्नपत्र तैयार कराए थे कि इतनी बड़ी संख्या में सवाल गलत हो गए और उन्हें डिलीट करना पड़ा।
अभ्यर्थियों का दावा है कि डिलीट किए गए 19 प्रश्नों के अतिरिक्त पांच प्रश्न ऐसे हैं, जिनके एक से अधिक विकल्प सही सिद्ध हो रहे हैं। अभ्यर्थी यह दावा भी कर रहे हैं कि कुछ प्रमुख आपत्तियों का निस्तारण ही नहीं किया गया। अब भी कम से कम 10 प्रश्न ऐसे हैं, जिन्हें उत्तरकुंजी से डिलीट किए जाने की जरूरत है।
अभ्यर्थियों का कहना है कि प्रश्नपत्र में इतनी गलतियां और उत्तरकुंजी में इतने अधिक बदलावों से पूरे रिजल्ट का प्रारूप बदल सकता है। अभ्यर्थियों ने आयोग को पत्र लिखकर मामले में संज्ञान लेते हुए उत्तरकुंजी को पुन: संशोधित करने की मांग की है।
वाणिज्य की उत्तर कुंजी संशोधित करने की तैयारी
वाणिज्य विषय की उत्तर कुंजी पर भी विवाद की स्थिति बनी हुई है। आयोग ने चार सेटों में प्रश्नपत्र तैयार किए थे। दो सेटों की उत्तर कुंजी में सात और अन्य दो सेटों की उत्तर कुंजी में आठ सवाल डिलीट किए गए हैं। अभ्यर्थी असमंजस में हैं कि आयोग किस आधार पर लिखित परीक्षा के अंक निर्धारित करेगा। आयोग अब अपनी गलती सुधारने की तैयारी कर रहा है। आयोग के सूत्रों का कहना है कि जल्द ही उत्तर कुंजी में संशोधन किया जाएगा।