याचियों का आरोप, आपत्तियों का निस्तारण नहीं हो पा रहा
जिला निर्वाचन कार्यालय मेें कोई उपस्थित नहीं रहता। जो चुनाव से संबंधित प्रार्थनापत्रों, शिकायतों को ले सके और उसके निस्तारण की जानकारी दे सके। कोर्ट ने याचियों को मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए चुनाव आयोग के समक्ष अभ्यावेदन करने का निर्देश दिया और आयोग से कहा कि वह अभ्यावेदन पर विचार कर सभी जानकारियां याचियों को मुहैया कराएं।
उल्लेखनीय है कि निर्वाचन आयोग ने यूपी में होने वाले विधान परिषद चुनाव की तिथियों में बदलाव किया है। अब नौ अप्रैल को मतदान होगा, जबकि परिणाम 12 अप्रैल को आएंगे। इससे पहले विधान परिषद के चुनाव की तिथियां क्रमश: तीन व सात मार्च तय की गईं थीं, जबकि परिणाम की तिथि 12 मार्च निर्धारित की गई थी।