प्रतापगढ़ में मुर्गे की मौत के बाद उसके मालिक ने उसके शव को दफनाया और फिर तेरहवीं कार्यक्रम में भोज का आयोजन कराया। भोज में सैकड़ों लोग शामिल हुए। पालतू मुर्गे की मौत के बाद हुआ यह आयोजन चर्चा का विषय बना हुआ है।
उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले से अनोखा मामला सामने आया है। यहां तेरहवीं कार्यक्रम का अजीबो-गरीब मामला सामने आया है। प्रतापगढ़ जिले में मुर्गे की मौत के बाद उसके मालिक ने उसको दफनाया और फिर तेरहवीं कार्यक्रम में भोज का आयोजन किया। मालिक ने 500 ग्रामीणों को भोज भी कराया।
विज्ञापन
मामला प्रतापगढ़ के फतनपुर थाना इलाके के बेहदौल कला गांव के रहने वाले शालिग्राम सरोज ने कुछ साल से अपने घर पर एक मुर्गा पाल रखा था, जिसकी मौत सात जुलाई 2022 को हो गई। मुर्गे के मालिक ने उसका शव गांव के ही एक खेत में दफना दिया।
मुर्गे के नाम लाली था, मुर्गे की मौत के बाद विधिवत 13 दिन बाद तेरहवीं का कार्यक्रम हुआ। 19 जुलाई को हुए तेरहवीं कार्यक्रम में मालिक ने भोज का आयोजन किया। कार्यक्रम में सैकड़ों लोगों ने भोज में शामिल होकर भोजन ग्रहण किया। पालतू मुर्गे की मौत के बाद हुआ यह आयोजन चर्चा का विषय बना हुआ है। साथ ही लोग मालिक की सराहना करते दिखाई दे रहे हैं।