धोखाधड़ी सहित कई मुकदमे किए जा चुके हैं दर्ज
इसी के तहत पिछले साल उसके खिलाफ जनपद मऊ में धोखाधड़ी कर विधायक निधि निकालने व अन्य आरोप में केस दर्ज कराया गया था। इससे पहले 2020 में धोखाधड़ी करते हुए जाली दस्तावेज तैयार कर सरकारी जमीन पर कब्जा करने का भी मुकदमा उस पर दर्ज हुआ था। इसी तरह लखनऊ में भी धोखाधड़ी कर संपत्ति अर्जित करने के मामले में उस पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इन्हीं मुकदमों को आधार बनाते हुए ईडी ने उस पर केस दर्ज किया था।
सात खाते भी किए थे चिह्नित
पिछले साल ईडी ने मुख्तार के सात बैंक खाते भी चिह्नित किए थे। इसी दौरान माफिया अतीक अहमद के भी 12 खाते ईडी ने चिह्नित किए थे। सूत्रों का कहना है कि भाजपा विधायक की हत्या समेत कुल 49 मुकदमों के आरोपी मुख्तार का साम्राज्य पूर्वांचल के कई जिलों में फैला हुआ है। हत्या, हत्या का प्रयास, रंगदारी मांगना, अपहरण समेत तमाम आरोप में उस पर मुकदमे दर्ज हैं। गृह जनपद मऊ से लेकर लखनऊ तक मुख्तार की सरपरस्ती में ही उसके गुर्गे अवैध धंधे संचालित कर रहे हैं।