यूपी के मदरसों का परीक्षा केंद्र यूपी बोर्ड के कॉलेजों में ही रहेगा। हाईकोर्ट ने मदरसों की परीक्षा स्वकेंद्रों पर ही कराने की मांग को लेकर दाखिल याचिका खारिज कर दी है। याचिका में कहा गया था कि प्रदेश सरकार के मंत्री आजम खान के कहने पर इस बार मदरसों की परीक्षा यूपी बोर्ड की तर्ज पर कराई जा रही है। परीक्षा केंद्र बोर्ड के कालेजों में बनाया जा रहा है जबकि मंत्री को ऐसा करने का अधिकार नहीं है। अफरीदी और अन्य द्वारा दाखिल याचिका पर न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता ने सुनवाई की।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश के 2628 मदरसों में चार लाख 23 हजार 591 छात्र पंजीकृत हैं। सरकार ने नकल विहीन परीक्षा कराने के लिए यूपी बोर्ड द्वारा संचालित 775 कॉलेजों में परीक्षा केंद्र बनाया है। इससे पहले मदरसों में ही अरबी फारसी की परीक्षा कराई जाती थी। अपर महाधिवक्ता कमरूल हसन सिद्दीकी ने बताया कि केंद्र का निर्धारण मदरसा बोर्ड द्वारा किया गया है न कि मंत्री आजम खान के द्वारा। कोर्ट ने याचिका इस आधार पर खारिज कर दी कि केंद्र का निर्धारण मदरसा बोर्ड ने किया है। प्रदेश सरकार की ओर से मुख्य स्थायी अधिवक्ता रमेश उपाध्याय ने पक्ष रखा।