उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) के हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के नतीजों में इस बार बेटियां फिर आगे रहीं। हाईस्कूल में किसान के बेटे प्रिंस पटेल ने 97.67 फीसदी अंकों के साथ टॉप किया है। इंटरमीडिएट में दिव्यांशी 95.40 फीसदी अंकों के साथ शीर्ष पर रहीं। दिव्यांशी कारोबारी परिवार से हैं। खास बात है कि दोनों टॉपर मूलरूप से फतेहपुर के रहने वाले हैं।
दसवीं में मुरादाबाद की संस्कृति ठाकुर और कानपुर नगर की किरन कुशवाहा 97.50 फीसदी अंकों के साथ संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर रहीं। कन्नौज के अनिकेत शर्मा (97.33 फीसदी) ने तीसरा स्थान हासिल किया है। इंटरमीडिएट में प्रयागराज की बेटी अंशिका यादव और बाराबंकी के योगेश प्रताप सिंह संयुक्त रूप से दूसरे नंबर पर हैं। दोनों को 95 फीसदी अंक मिले हैं।
तीसरे स्थान पर फतेहपुर के बालकृष्ण (94.20 फीसदी) रहे। परिषद की निदेशक डॉ. सरिता तिवारी के अनुसार इस बार हाईस्कूल में बेटियों का परिणाम छात्रों के मुकाबले 6.44 फीसदी और इंटरमीडिएट में 8.94 फीसदी अधिक रहा। हाईस्कूल टॉप 10 की मेरिट में कुल 27 परीक्षार्थियों ने जगह बनाई है, जिनमें 19 छात्राएं हैं। वहीं, इंटरमीडिएट टॉप टेन में शामिल 28 परीक्षार्थियों में 15 बेटियां हैं। हाईस्कूल का परिणाम 88.18 फीसदी और इंटरमीडिएट का रिजल्ट 85.33 फीसदी रहा। ब्यूरो
सेना में जाना चाहते हैं प्रिंस...व्हाट्सएप से की पढ़ाई
नतीजों के बाद प्रिंस ने कहा, परीक्षार्थी खुद नोट्स बनाकर परीक्षा की तैयारी करें। वह अब आगे सेना में जाना चाहते हैं। इसके लिए एनडीए की तैयारी करेंगे। प्रिंस ने बताया कि उसने व्हाट्सएप ग्रुप व सोशल मीडिया की मदद से पढ़ाई की थी।
आईएएस बनना चाहती हैं दिव्यांशी...ऑनलाइन की पढ़ाई
दिव्यांशी ने कोरोनाकाल में ऑनलाइन पढ़ाई जारी रखी, साथ ही फोन के माध्यम से अलग-अलग विषयों के अध्यापकों से भी संपर्क बनाए रखा। वह आईएएस बनना चाहती हैं। बड़ी बहन भी 10वीं और 12वीं में टॉप टेन में शामिल थी।
टॉपर्स में ऑटो चालक, वेल्डर के बच्चे तो सफाई कर्मी की बेटी भी
सीतापुर की शीतल वर्मा ने 96.83 फीसदी के साथ हाईस्कूल में छठा स्थान हासिल किया। पिता सुरेश वर्मा सफाईकर्मी हैं। शीतल अपनी कामयाबी का श्रेय उन्हें ही देती हैं। हाईस्कूल में तीसरा स्थान हासिल करने वाले कन्नौज के अनिकेत शर्मा के पिता अनूप शर्मा वेल्डिंग की दुकान चलाते हैं। कभी कोचिंग या ट्यूशन का सहारा न लेने वाले अनिकेत आईएएस अफसर बनना चाहते हैं। नौवां स्थान हासिल करने वाली कानपुर की नैन्सी वर्मा के पिता सुनील वर्मा ऑटो चलाते हैं।
बिना कोचिंग के कमाल करने वाली नैन्सी आईपीएस अफसर बनना चाहती है। इंटर में दूसरा स्थान पाने वाले बाराबंकी के योगेश प्रताप सिंह के पिता राजेंद्र प्रताप सिंह बटाई पर खेती करते हैं। आर्थिक दिक्कतों के बावजूद योगेश ने हार नहीं मानी और कामयाबी हासिल की। उन्होंने घंटे के बजाय टारगेट तय कर पढ़ाई की।
कोरोना के बाद पहली बार मेरिट लिस्ट
पिछले साल 2021 में कोविड के कारण यूपी बोर्ड हाईस्कूल की परीक्षा नहीं हुई थी और सभी परीक्षार्थियों को बिना परीक्षा प्रमोट कर दिया गया था। 2020 के मुकाबले परीक्षार्थियों के उत्तीर्ण प्रतिशत में 4.87, बालकों में 5.37 और बालिकाओं के उत्तीर्ण प्रतिशत में 4.40 की वृद्धि हुई।
12 वर्षों में हुईं 11 परीक्षाओं का सर्वश्रेष्ठ परिणाम
दसवीं में गौतमबुद्ध नगर जिला अव्वल, जबकि झांसी फिसड्डी रहा। हाईस्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षा परिणाम 67 दिनों में जारी किया गया।