सदर सीट से नहीं तय हो सका था नाम
विश्वनाथगंज से अद एस ने पूर्व जिलाध्यक्ष जीतलाल पटेल को प्रत्याशी बनाया है। सदर सीट के लिए अभी नाम तय नहीं हो सका था। उधर, सपा ने गठबंधन के बाद यह सीट अपना दल कमेरावादी को दी दी थी। नामांकन के दौरान केंद्रीय मंत्री और अपना दल एस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल की बहन पल्लवी पटेल ने यहां से पर्चा खरीदा था। तब से यह कयास लगाए जा रहे थे कि पल्लवी यहां से चुनाव लड़ सकती हैं।
इस बीच सपा ने उन्हें कौशाम्बी जिले की सिराथू विधानसभा सीट से डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के खिलाफ प्रत्याशी बना दिया। हालांकि कई बार पल्लवी के वहां चुनाव न लड़ने और टिकट लौटाने की भी बातें सामने आती रहीं। इधर, प्रतापगढ़ सदर विधानसभा सीट से अपना दल एस के विधायक राजकुमार पाल समेत भाजपा के कई बड़े नेता भी टिकट के लिए लाइन में लगे थे।
भाजपा को घोषित करना पड़ा प्रत्याशी
प्रत्याशियों की संख्या अधिक होने के कारण पार्टी नाम नहीं तय कर पा रही थी। अपना दल कमेरावादी की तरफ से भी प्रत्याशी के नाम का ऐलान नहीं हो रहा था। सोमवार रात सपा ने इस सीट से अपना दल कमेेरावादी की राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल की मां कृष्णा पटेल को यहां से प्रत्याशी घोषित कर दिया।
मां के सामने आने के बाद अनुपिया ने इस सीट पर अपना दावा छोड़ दिया। उन्होंने प्रतापगढ़ सदर सीट भाजपा को लौटा दी। मंगलवार को आखिरी समय में भाजपा को यहां से प्रत्याशी घोषित करना पड़ा। अनुप्रिया के पति और एमएलसी आशीष पटेल मंगलवार को खुद प्रतापगढ़ आए और कार्यकर्ताओं को बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष की मां के सम्मान में अपना दल एस ने प्रतापगढ़ सदर सीट पर अपना दावा छोड़ दिया।
प्रतापगढ़ सदर सीट पर कृष्णा पटेल को प्रत्याशी बनाए जाने के बाद उनके सम्मान में अनुप्रिया पटेल ने प्रतापगढ़ सदर सीट पर अपना दावा छोड़ दिया। यह सीट भाजपा को लौटा दी गई। उनके प्रत्याशी बनाए जाने के बाद मां के खिलाफ बेटी के प्रचार करने और परिवार के आमने-सामने होने की स्थिति बनती। मां के सम्मान में अनुप्रिया पटेल ने इस सीट पर अपना प्रत्याशी नहीं उतारने का फैसला किया है। -बृजेश पटेल, जिलाध्यक्ष, अपना दल एस