आजम खां, अखिलेश यादव (फाइल फोटो)
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शीघ्र ही जेल जाकर आजम से मिल सकते हैं ओवैसी के सिपहसालार
तीन पन्ने की इस चिट्ठी में लिखा गया है कि समाजवादी पार्टी मुसलमानों की कतई हमदर्द नहीं है। वह मुसलमानों को सिर्फ वोट बैंक की तरह समझती है। पिछले तीन सालों में आजम खान और उनके परिवार के लिए अखिलेश यादव व उनके सिपहसालारों ने कोई ठोस आवाज नहीं उठाई। आजम खान से आग्रह किया गया है कि वह एआईएमआईएम में शामिल होकर पार्टी कार्यकर्ताओं की रहनुमाई करें।
साथ मिलकर आजम खां मुसलमानों को सियासी पहचान दिलाएं
असदुद्दीन ओवैसी के साथ मिलकर आजम खां मुसलमानों को सियासी पहचान दिलाएं। आजम खान से जेल में मुलाकात का समय भी मांगा गया। आजम की सहमति मिलने के बाद एआईएमआईएम के नेता जेल में मिलने जाएंगे। जेल में आजम खान को पार्टी में शामिल होने का औपचारिक न्योता दिया जा सकता है। बता दें कि आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम सपा के टिकट पर हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में विधायक चुने गए हैं।